नेपाल के पोखरा शहर में यति एयरलाइंस के विमान हादसे में मारे गए सभी पांच भारतीयों के शवों की पहचान कर ली गई है और उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। इससे पहले नेपाल के स्वास्थ्य अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को आश्वासन दिया था कि सोमवार को सभी शव उन्हें सौंप दिए जाएंगे। नेपाली अधिकारियों ने 14 जनवरी को यति एयरलाइंस के यात्री विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना में मारे गए लोगों के शवों को परिवार के सदस्यों को सौंपना शुरू कर दिया है। विमान में 72 लोग सवार थे।
पोखरा में एक नदी घाटी में दुर्घटनाग्रस्त होने के समय विमान में 53 नेपाली यात्री, पांच भारतीयों सहित 15 विदेशी नागरिक और चालक दल के चार सदस्य सवार थे। उत्तर प्रदेश के बताए जा रहे सभी पांच भारतीयों की पहचान अभिषेक कुशवाहा (25), विशाल शर्मा (22), अनिल कुमार राजभर (27), सोनू जायसवाल (35) और संजय जायसवाल के रूप में हुई है।
सभी शवों का पोस्टमॉर्टम पूरा
त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने उन्हें मिले सभी शवों का पोस्टमॉर्टम पूरा कर लिया है। चिकित्सकों ने कुछ शवों को छोड़कर बाकी की शिनाख्त कर ली है। चिकित्सकों ने रविवार को दो और भारतीय नागरिकों के शवों की पहचान की थी। इससे पहले शनिवार को विशाल शर्मा के शव की शिनाख्त हुई थी। सोमवार को सोनू जायसवाल के शव की शिनाख्त हुई।
परिजन चार दिन से इंतजार कर रहे थे
इससे पहले शुक्रवार को संजय जायसवाल का शव उनके परिवार को सौंप दिया गया, जो इसे भारत वापस ले गए। सिर्फ सोनू के शव की शिनाख्त होनी बाकी थी। सोनू के बड़े भाई विजय जायसवाल और सोनू के पिता राजेंद्र प्रसाद जायसवाल रविवार को शव लेने के लिए अस्पताल में इंतजार करते रहे थे। अस्पताल में मौजूद अन्य लोगों में अनिल के पिता रामद्रस राजभर, अभिषेक के छोटे भाई अभिनेश कुशवाहा और विशाल के छोटे भाई विश्वजीत शर्मा शामिल थे। चार भारतीय नागरिकों के परिजन चार दिन से अपनों के शव लेने का इंतजार कर रहे थे।
एक शव की तलाश जारी
इस बीच नेपाल की सेना ने रविवार को कहा कि उसने शेष एक शव को खोजने के लिए सेती नदी की घाटी और आसपास के क्षेत्रों में अपना तलाशी अभियान जारी रखा है और सोमवार को इसे फिर से शुरू किया जाएगा। अभी तक 71 शव बरामद कर लिए गए हैं।