फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nepal: दो दशक में पहली बार होगी नेपाली पीएम की अमेरिका यात्रा, जुलाई में जाएंगे देउबा

Wed, 25 May 2022 03:24 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो

सार

पिछले दो दशक में नेपाल के प्रधानमंत्री कई बार संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में शामिल होने के लिए न्यूयॉर्क गए। लेकिन ये यात्राएं अमेरिका की द्विपक्षीय यात्रा नहीं थीं। इस वर्ष अमेरिका और नेपाल अपने बीच कूटनीतिक संबंध कायम होने की 75वीं सालगिरह मना रहे हैं...
विज्ञापन
नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन - फोटो : Agency (File Photo)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नेपाल की अमेरिका से बढ़ रही करीबी के बीच अब खबर है कि नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा की अमेरिका यात्रा का कार्यक्रम लगभग पक्का हो गया है। वे जुलाई के मध्य में वाशिंगटन जाएंगे। दो दशक में यह किसी नेपाली प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय अमेरिका यात्रा होगी। कुछ कूटनीतिक सूत्रों ने नेपाली मीडिया को बताया है कि देउबा की ये यात्रा संभवतः 14 से 16 जुलाई के बीच होगी। लेकिन मुमकिन है कि यात्रा का कार्यक्रम जुलाई के पहले हफ्ते में ही बन जाए।

समिट फॉर डेमोक्रेसी में लेंगे हिस्सा

प्रधानमंत्री देउबा के प्रेस चीफ गोविंद परियार ने ने अखबार काठमांडू पोस्ट से बातचीत में इस खबर की पुष्टि की। उन्होंने कहा- ‘प्रधानमंत्री इसी साल अमेरिका जाएंगे। दोनों देश उनकी यात्रा की तारीख तय करने में जुटे हुए हैँ।’ बताया जाता है कि वाशिंगटन में देउबा अमेरिका की तरफ से आयोजित दूसरे समिट फॉर डेमोक्रेसी (लोकतांत्रिक देशों के शिखर सम्मेलन) में भाग लेंगे। हालांकि इस बारे में दोनों देशों ने अभी पुष्टि नहीं की है। परियार ने कहा कि यात्रा का कार्यक्रम तय होने के बाद उसकी घोषणा कर दी जाएगी।

विज्ञापन


पिछले दो दशक में नेपाल के प्रधानमंत्री कई बार संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में शामिल होने के लिए न्यूयॉर्क गए। लेकिन ये यात्राएं अमेरिका की द्विपक्षीय यात्रा नहीं थीं। इस वर्ष अमेरिका और नेपाल अपने बीच कूटनीतिक संबंध कायम होने की 75वीं सालगिरह मना रहे हैँ। विश्लेषकों का कहना है कि हाल में दोनों देशों के संबंधों में आई गरमाहट से ये अवसर और खास बन गया है।

बीते महीनों में अमेरिका के कई वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों ने नेपाल की यात्रा की है। पिछले हफ्ते ही अमेरिकी मानवाधिकार मामलों की उप मंत्री उज़रा ज़ेया काठमांडू आई थीं। उसके पहले अमेरिका के सहायक विदेश मंत्री डोनाल्ड लू नवंबर में यहां आए थे। पिछले सितंबर में प्रधानमंत्री देउबा अमेरिकी संस्था मिलेनियम चैलेंज कॉरपोरेशन (एमसीसी) से 50 करोड़ डॉलर की मदद हासिल करने के लिए हुए करार का संसदीय अनुमोदन कराने में सफल रहे। समझा जाता है कि उसके बाद से अमेरिका ने नेपाल में अपनी दिलचस्पी बढ़ा दी है।

अमेरिका के करीबी रहे हैं देउबा

अमेरिका-नेपाल के संबंधों में आई गरमाहट दक्षिण एशिया और इंडो पैसिफिक क्षेत्र में बन रहे नए समीकरणों के लिहाज से खासा अहम माना जा रहा है। विश्लेषकों ने इस ओर ध्यान खींचा है कि अमेरिका से बेहतर होते रिश्तों के बीच चीन के साथ नेपाल के संबंधों में कड़वाहट आ गई है। जबकि अभी साल भर पहले तक ये धारणा थी कि नेपाल इस क्षेत्र में चीन के रणनीतिक समीकरणों का हिस्सा बन गया है।

विज्ञापन


विश्लेषकों के मुताबिक नेपाल की चीन से बनी निकटता का एक कारण यहां कम्युनिस्ट पार्टियों के सत्ता में रहना था। लेकिन फिलहाल ये पार्टियां कमजोर हो गई हैँ। अखबार काठमांडू पोस्ट ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि नेपाली राजनेताओं के बीच शेर बहादुर देउबा को हमेशा ही अमेरिका का करीबी समझा जाता रहा है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक अमेरिकी अधिकारी देउबा के साथ अपने को अधिक सहज पाते हैं। इसलिए मौजूदा सरकार के सत्ता में रहते नेपाल में अपनी पैठ बढ़ाने की रणनीति अमेरिकी अधिकारियों ने बनाई है। उसका ही एक नतीजा देउबा की वाशिंगटन यात्रा का बना कार्यक्रम है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें