2018 में 'सेलेक्टेड' को देश पर थोप दिया...
नवाज शरीफ रिकॉर्ड चौथी बार प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के टिकट के दावादारों के साथ बातचीत के दौरान बताया कि वह 1993, 1999 और 2017 में तीन बार सत्ता से बाहर हुए थे। उन्होंने कहा, आज पाकिस्तान (अर्थव्यवस्था की स्थिति के संबंध में) जहां पहुंच गया है, वह भारत, अमेरिका या यहां तक कि अफगानिस्तान ने भी ऐसा नहीं किया है। वास्तव में हमने अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है। उन्होंने (सैन्य प्रतिष्ठान) 2018 के चुनावों में धांधली करके इस देश पर अपने 'सेलेक्टेड' (इमरान खान) को थोप दिया, जिससे लोगों को परेशानी हुई और अर्थव्यवस्था गिर गई।
'सैन्य तानाशाहों को माला पहनाते हैं न्यायाधीश'
पीएमएल-एन सुप्रीमो ने सैन्य तानाशाहों को वैधता प्रदान करने के लिए न्यायाधीशों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, 'न्यायाधीश उन्हें (सैन्य तानाशाहों को) माला पहनाते हैं और जब वे संविधान तोड़ते हैं तो उनके शासन को वैधता प्रदान करते हैं। जब प्रधानमंत्री की बात आती है तो न्यायाधीश उन्हें पद से हटाने पर मुहर लगा देते हैं।' उन्होंने पूछा, 'न्यायाधीश संसद को भंग करने के अधिनियम को भी मंजूरी देते हैं... क्यों?'
आईएसआई के पूर्व प्रमुख पर साधा निशाना
नवाज शरीफ ने 2017 में उन्हें सत्ता से बेदखल करने में भूमिका के लिए आईएसआई के पूर्व प्रमुख जनरल फैज हामिद पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'उच्चतम न्यायालय में उन लोगों (फैज हामिद और अन्य) के खिलाफ मामला खोला गया है, जिन्होंने कहा था कि अगर नवाज जेल से बाहर आए तो उनकी दो साल की मेहनत बर्बाद हो जाएगी।' चार साल के लंबे आत्म-निर्वासन को खत्म करते हुए अक्तूबर में लंदन से देश लौटे पीएमएल-एन नेता एकमात्र पाकिस्तानी राजनेता हैं जो रिकॉर्ड तीन बार तख्तापलट की आशंका वाले देश के प्रधानमंत्री बने।
'सुबह प्रधानमंत्री था, शाम को डाकू घोषित कर दिया...'
सोमवार को नवाज ने कहा, 1999 में मैं सुबह प्रधानमंत्री था और शाम को मुझे लुटेरा घोषित कर दिया गया। इसी तरह 2017 में मुझे अपने बेटे से वेतन नहीं लेने के कारण सत्ता से बाहर कर दिया गया था। उन्होंने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सुप्रीमो इमरान खान का जिक्र करते हुए कहा, 'उन्होंने (सैन्य प्रतिष्ठान) यह फैसला किया, क्योंकि वे अपने सेलेक्टेड (चुने हुए व्यक्ति) को सत्ता में लाना चाहते थे।
सेना पर लगाया न्यायाधीशों पर दबाव डालने का आरोप
पिछले गुरुवार को टेलीविजन पर राष्ट्र के नाम संबोधन में शरीफ ने 2014-17 के सैन्य प्रतिष्ठान पर वरिष्ठ न्यायाधीशों को उन्हें सत्ता से हटाने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया था। उन्होंने सैन्य प्रतिष्ठान की ओर इशारा करते हुए कहा,'वे वरिष्ठ न्यायाधीशों के घर पर गए और उन्हें धमकी दी। उन्होंने जबरदस्ती करके मेरे खिलाफ आवश्यक अदालती फैसले हासिल किए।'