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नवाज शरीफ ने इमरान खान को नाकाबिल और जनरल बाजवा की कठपुतली बताया

Mon, 21 Sep 2020 06:23 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

  • विपक्षी एकता के मंच पर एक साल बाद खुलकर बोले नवाज शरीफ
  • नवाज ने कहा, विपक्ष इमरान के खिलाफ नहीं, उन्हें कुर्सी पर बैठाने वाली ताकतों के खिलाफ
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नवाज शरीफ, इमरान खान - फोटो : Amar Ujala (File)
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विस्तार
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीएमएल (नवाज) के अध्यक्ष नवाज शरीफ ने बेशक एक साल बाद अपनी चुप्पी तोड़ी, लेकिन उन्होंने एक तीर से कई निशाने किए। उन्होंने प्रधानमंत्री इमरान खान के प्रति हमदर्दी दिखाई और कहा कि विपक्ष इमरान खान के खिलाफ नहीं है, लेकिन इमरान जैसे नाकाबिल व्यक्ति को अपने फायदे के लिए प्रधानमंत्री बनाने वाली ताकतों के खिलाफ है। उन्होंने ये साबित करने की कोशिश की कि प्रधानमंत्री इमरान खान पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल बाजवा की कठपुतली हैं।

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नवाज शरीफ ने बेहद तल्ख अंदाज में जनरल बाजवा पर एक वीडियो संदेश में निशाना साधा। नवाज शरीफ ने आरोप लगाया कि 2018 में जिस तरह बलोचिस्तान की लोकतांत्रिक सरकार एक साजिश के तहत गिराई गई, उसके पीछे बाजवा का हाथ था। नवाज शरीफ ने कहा कि जनरल बाजवा तब वहां के कोर कमांडर थे और सरकार गिराने की साजिश में अहम किरदार निभा रहे थे। उन्होंने बाजवा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 2018 में उन्होंने साजिश के तहत देश के चुनाव को प्रभावित किया और अपने निजी फायदे के लिए मुल्क को तबाह करने की कोशिश की।

नवाज शरीफ ने इमरान को एक नाकाबिल प्रधानमंत्री बताते हुए कहा कि विपक्ष की लड़ाई इमरान के खिलाफ नहीं, बल्कि उन ताकतों के खिलाफ है जिन्होंने जानबूझकर अपने फायदे के लिए एक ऐसा प्रधानमंत्री बनाया, जिसे वे जैसे चाहें, वैसे चला सकें। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कैसे कोई 15-20 सालों में अरबों-खरबों की संपत्ति का मालिक हो सकता है और कैसे देश के साथ साथ दुनिया के तमाम मुल्कों में इतना बड़ा साम्राज्य खड़ा कर सकता है। अफसोस ये कि इसके खिलाफ बोलने की किसी में हिम्मत नहीं, मीडिया खामोश है और इमरान सरकार ने बगैर किसी जांच के उन्हें ईमानदारी का सर्टिफिकेट दे देती है।
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पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की ओर से बुलाए गए सर्वदलीय सम्मेलन में नवाज शरीफ के इस संदेश को सबने सुना और माना कि इस वक्त पहली जरूरत सेना की प्रिय इमरान सरकार और इस व्यवस्था को हटाना है। सेना को सियासत से दूर रहने की नसीहत देते हुए नवाज शरीफ ने कहा कि सेना को संविधान की हिफाजत करनी चाहिए और कायदे आजम मोहम्मद अली जिन्ना के आदर्शों को मानना चाहिए। लेकिन सेना की हर जगह दखलंदाजी और देश को कमजोर करनी वाली हरकतों की वजह से पाकिस्तान का नाम देश ही नहीं, दुनिया भर में खराब हुआ है। हालत ये हो गई है कि देश में मार्शल ला जैसे हालात पैदा हो गए हैं।

इमरान सरकार के खिलाफ पाकिस्तान में विपक्ष की यह गोलबंदी आने वाले वक्त में वहां सियासी भूचाल ला सकती है। इसकी कोशिश पिछले कई महीनों से चल रही थी, लेकिन कोरोना काल में आई व्यावहारिक दिक्कतों की वजह से विपक्ष की ये एकता आकार नहीं ले पा रही थी।

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