नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (नाटो) के प्रमुख जेंस स्टोलेनबर्ग ने बुधवार को रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध को लेकर चीन पर आरोप लगाए। स्टोलेनबर्ग ने कहा कि चीन खुले तौर पर झूठ बोलकर रूस को राजनीतिक मदद दे रहा है। उन्होंने साफ किया कि नाटो के सदस्य देश यूक्रेन को अतिरिक्त मदद भेजने के लिए तैयार होने वाले हैं, ताकि वह देश परमाणु और रासायनिक हथियार के खतरे से बच सके।
स्टोलेनबर्ग ने कहा, "नाटो पूर्वी यूरोप में स्थित देशों की सुरक्षा के लिए चार नए बैटल ग्रुप्स उतारने जा रहा है, जो कि रूस की किसी भी हरकत का जवाब देने के लिए काफी होंगे।" उन्होंने रूस की धमकियों का जवाब देते हुए कहा कि परमाणु हथियारों से लड़े जाने वाले युद्ध कभी जीते नहीं जा सकेंगे और इनका इस्तेमाल पूरी जंग की प्रकृति को ही बदल देगा।
नाटो प्रमुख ने कहा कि गुरुवार को होने वाली बैठक में सदस्य देशों के लिए बड़े कदम उठाना काफी जरूरी होगा, क्योंकि इससे ही लंबी अवधि में हमारी सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि नाटो देश यूक्रेन को साइबरसिक्योरिटी के क्षेत्र में भी सहयोग देंगे और ऐसे उपकरण मुहैया कराएंगे, जो रासायनिक या परमाणु हमलों से बचाने में मददगार होंगे। उन्होंने कहा कि यह नाटो की जिम्मेदारी है कि यह जंग यूक्रेन की सीमाओं के बाहर न फैले।