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Smiling Sun: छठ पर्व पर प्रसन्न हैं सूर्यदेव, नासा के सेटेलाइट ने ली अद्भुत तस्वीर

Sun, 30 Oct 2022 05:17 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

अंतरिक्ष एजेंजी ने तस्वीर को साझा करते हुए 'स्माइलिंग सन' यानी मुस्कराया हुआ सूरज कहा। इसमें आगे कहा गया है कि आज नासा के सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्वेटरी ने सूरज को मुस्कराते हुए देखा।
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नासा की सैटेलाइट से ली गई सूरज की तस्वीर - फोटो : नासा
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विस्तार
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अमेरिकी अंतरिक्ष एंजेसी नासा ने एक सूरज की मुस्कराती हुई तस्वीर जारी की है। इसे अंतरिक्ष एजेंसी की एक सैटेलाइट ने इसी सप्ताह कैप्चर की है। इस तस्वीर में सूरज पर इस तरह का पैटर्न नजर आ रहा है जिसे देखकर हर को हैरान है। ऐसा लग रहा है मानो सूरज मुस्करा रहा है। 

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अंतरिक्ष एजेंजी ने तस्वीर को साझा करते हुए 'स्माइलिंग सन' यानी मुस्कराया हुआ सूरज कहा। इसमें आगे कहा गया है कि आज नासा के सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्वेटरी ने सूरज को मुस्कराते हुए देखा। अल्ट्रावॉयलेट लाइट में देखे जाने पर सूरज पर दिख रहे इन काले धब्बों को कोरोनल होल कहा जाता है। यह वे इलाके होते हैं, जहां से तैज हवाएं चलकर अंतरिक्ष में जाती हैं। 

नासा के सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्वेटरी मिशन 11 फरवरी 2010 को लॉन्च किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य यह परीक्षण करना होता है कि सौर गतिविधियां कैसे हो रही हैं और यह अंतरिक्ष में मौसम को किस तरह प्रभावित कर रहा है। इस मिशन का स्पेसक्राफ्ट सूरज की आंतरिक संरचना, वायुमंडल, चुंबकीय क्षेत्र और उर्जा उत्पादन को मापता है। 
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तस्वीर को लेकर लोगों की तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई अमेरिकी यूजर्स इसकी तुलना हेलोवीन पंपकिन से कर रहे हैं। वहीं भारत की बात करें तो सूरज का धार्मिक आस्था और विश्वासों में महत्व हैं, तो इस तस्वीर को भारतीय यूजर्स भी खूब पसंद कर रहे हैं। 

हालांकि, वैज्ञानिकों ने इस मुस्कराहट को लेकर चेतावनी दी है कि सूरज के कोरेनल होल जिस तरह दिख रहे हैं, इसका मतलब है सूरज से उठा तूफान पृथ्वी से टकरा सकते हैं। इसको लेकर स्पेसवेदर ने कहा, ये हंसता हुआ सूरज पृथ्वी की ओर सौर हवा की एक तिहाई धारा उगल रहा है। सूरज के सतह से द्रव्यमान और उर्जा के अलग-अलग तरह के उठने वाले विस्फोटों को सौर तूफान कहते हैं। ये पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को प्रभावित करती हैं, जिसके परिणामस्वरूप इन तूफानों से उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में ध्रुवीय रोशनी ज्यादा दिखाई देने लगती है।  

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