बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के अधिकारियों ने बताया कि म्यांमार के 116 सैनिक अपनी चौकियो से भागर सीमा पार कर आए हैं। यह पहली बार है जब म्यांमार की सेना के जवानों ने देश के सीमावर्ती कॉक्स बाजार जिले में शरण ली है। इनमें म्यांमार के अर्द्धसैनिक बॉर्डर गार्ड पुलिस (बीजीपी) और कुछ अन्य सरकारी एजेंसियों के कर्मी भी शामिल हैं।
सैनिकों की पहचान की प्रक्रिया जारी
बीजीबी के प्रवक्ता शरीफुल इस्लाम ने बताया कि म्यांमार के सशस्त्र संघर्ष के चलते अब तक 229 बीजीपी कर्मियों, नियमित सैनिकों, आव्रजन अधिकारियों, पुलिस कर्मियों और अन्य एजेंसियों के सदस्यों ने बांग्लादेश में प्रवेश किया है। उन्हें निहत्था करके हिरासत में रखा गया। मौके पर मौजूद एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सेना और अर्द्धसैनिक बलों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
म्यांमार के 116 सैनिक सीमा पार कर आए
अधिकारियों ने कहा कि म्यांमार की सेना और विद्रोही अराकान आर्मी के लड़ाकों के बीच सीमा के दूसरी ओर संघर्ष बढ़ गया है। जिसके कारण म्यांमार के 116 सैनिकों और अन्य अधिकारियों ने आज सुबह उखिया उप-जिले के रहमतबिल सीमा के जरिए सीमा पार की।
गोली के घाव के साथ पहुंचे कई सैनिक
अधिकारियों और चश्मदीदों ने बताया कि कई सैनिक गोली के घाव के साथ पहुंचे। 116 में से 113 सैनिक उनसे पहले भागकर बांग्लादेश पहुंच गए थे। कुछ सैनिकों को इलाज के लिए चट्टोग्राम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सहित विभिन्न अस्पताल में भेजा गया। म्यांमार सरकार के सैनिकों की आमद लगातार तीसरे दिन दर्ज की गई।
अराकान आर्मी ने सैन्य प्रतिष्ठानों पर किया कब्जा
म्यामांर के रखाइन प्रांत में सेना और विद्रोही समूह अराकान आर्मी के बीच भीषण लड़ाई चल रही है। बताया जा रहा है कि विद्रोही समूह ने सेना के हेलीकॉप्टर, सीमावर्ती इलाकों में सरकारी और सैन्य प्रतिष्ठानों पर कब्जा कर लिया है। इस बीच, म्यामांर के सैनिकों की आमद के बीच कॉक्स बाजार में दो लोगों की मौत हुई।
म्यांमार के राजदूत को किया तलब
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने सीमा पर बढ़ती हिंसा को लेकर म्यांमार के राजदूत को तलब किया। अधिकारियों ने बताया कि ढाका में म्यामांर के राजदूत आंग क्याव मोए को सोमवार को तलब किया गया। एक बांग्लादेश महिला और एक रोहिंग्या व्यक्ति की मौत और सीमांत इलाकों से जुड़े घटनाक्रमों को लेकर राजदूत को तलब किया गया।