प्रदर्शन के दौरान यांगून शहर में पुलिस ने केंद्रीय बैंक के सामने की सड़क बंद कर दी। प्रदर्शनकारियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से सेना पर लोगों के पैसे जब्त करने की मंशा संबंधी कयासों को लेकर निशाना साधा।
इसके अलावा बौद्ध भिक्षुओं ने भी संयुक्त राष्ट्र के स्थानीय कार्यालय के सामने विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पांच या इससे अधिक लोगों के एक स्थान पर जमा होने पर लगी रोक का भी उल्लंघन किया।
वहीं, देश के दूसरे सबसे बड़े शहर मैंडाले में करीब तीन हजार प्रदर्शनकारी दोबारा सड़कों पर उतरे। इनमें से अधिकतर विद्यार्थी थे। उनके हाथों में सू ची की तस्वीर थी। सभी लोकतंत्र की बहाली के लिए नारेबाजी कर रहे थे। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों के आसपास सुरक्षा कर्मियों की संख्या कम रही क्योंकि अधिकतर पुलिसकर्मियों को बैंक शाखाओं सहित प्रमुख इमारतों की सुरक्षा में लगाया गया है।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को मैंडाले शहर में म्यांमार इकोनॉमिक बैंक के समक्ष एक हजार से अधिक प्रदर्शनकारियों की सैनिकों से हिंसक झड़प हो गई थी। ऐसे में प्रदर्शनकारियों पर लाठी -डंडो से हमला किया गया। सुरक्षाकर्मी हवा में गोली चला रहे थे। स्थानीय मीडिया के मुताबिक पुलिस ने रबर की गोलियां चलाई थीं, जिसमें कई लोग घायल हो गए।