भारत
भारत ने म्यांमार की मदद के लिए ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू किया है। 29 मार्च (शनिवार) को भारत ने दो नौसैन्य जहाज म्यांमार की मदद के लिए भेजे। इनके जरिए आर्मी फील्ड अस्पताल तैयार करने के लिए सामान और 118 चिकित्साकर्मियों को भी भेजा गया है। इनके जरिए घायलों की मदद करने की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा दो और नौसैन्य जहाजों को जरूरी सहायता के साथ म्यांमार भेजने की तैयारी की जा रही है। इनमें से एक जहाज अंडमान-निकोबार कमांड के अंतर्गत श्रीविजयपुरम में तैनात है।
विदेश मंत्रालय ने बताया है कि भारत ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत म्यांमार की तरफ सबसे पहले मदद की हाथ बढ़ाते हुए शनिवार देर रात तक पांच सैन्य विमानों से राहत सामग्री, बचाव दल व चिकित्सा उपकरण भेज चुका है। नेपीता अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर महत्वपूर्ण आपूर्ति व उपकरणों को उतारने के बाद भारतीय टीम वहां से 45 मिनट की दूरी पर एक बंदरगाह क्षेत्र में स्थानांतरित हो चुकी है। अभियान का विस्तार रविवार की सुबह शुरू हुआ, जब एक अधिकारी व एक जूनियर कमीशन अधिकारी का टोही दल को वर्तमान बेस से 160 मील उत्तर मांडले पहुंचा। मांडले भारत के राहत अभियान का केंद्र है। वहां तक पहुंचने के लिए मुख्यतः हवाई मार्ग का इस्तेमाल किया जा रहा है।
चीन
चीन ने म्यांमार की मदद के लिए 82 बचावकर्मियों की एक टीम को शनिवार को ही पहुंचा दिया था। बीजिंग ने रविवार को एलान किया कि उसकी 118 सदस्यीय टीम फिलहाल राहत-बचाव कार्यों में लगी है। इसके अलावा एक टीम यांगोन भेजी गई है। चीन की सरकार ने म्यांमार को 10 करोड़ युआन की आपात मानवीय मदद भेजने का भी एलान किया है।
अमेरिका
अमेरिका की तरफ से अब तक म्यांमार को कितनी मदद भेजी गई है, यह साफ नहीं है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भूकंप की घटना पर चिंता जताते हुए इसे भयावह और बुरा करार दिया था। उन्होंने कहा था कि उनके अधिकारियों ने म्यांमार के नेताओं से बात की है। हम उनकी मदद करेंगे।
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दक्षिण कोरिया
दक्षिण कोरिया ने त्वरित राहत-बचाव कार्यों के लिए 20 लाख डॉलर (17.11 करोड़ रुपये) की मानवीय सहायता की बात कही है।
न्यूजीलैंड
न्यूजीलैंड की सरकार ने कहा है कि वह म्यांमार की मदद के लिए 20 लाख न्यूजीलैंड डॉलर (करीब 10 करोड़ रुपये) की सहायता रेड क्रॉस के जरिए भेज रहा है।
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