अब माउंट एवरेस्ट पर पर्वतारोही अकेले चढ़ाई नहीं कर पाएंगे। नेपाल ने पर्वतारोहण नियम में छठवां संशोधन किया है। इसके तहत माउंट एवरेस्ट सहित आठ हजार मीटर से अधिक ऊंचे सभी पहाड़ों पर अकेले चढ़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। नए नियम के मुताबिक पर्वतारोहण दल के प्रत्येक दो सदस्यों के साथ कम से कम एक ऊंचाई कार्यकर्ता या पर्वतारोहण गाइड होना जरूरी होगा।
नेपाल ने अधिसूचना में कहा कि आठ हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले पर्वत शिखर पर चढ़ते समय पर्वतारोहण दल के प्रत्येक दो सदस्यों के साथ कम से कम एक ऊंचाई कार्यकर्ता या गाइड अवश्य होना चाहिए। जबकि अन्य पर्वतों पर चढ़ते समय पर्वतारोहण दल को अपने साथ कम से कम एक गाइड होगा अनिवार्य होगा।
नया नियम लागू होने के बाद चोटियों पर अकेले चढ़ने पर लगाम लगेगी। सरकार का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को उसके अनुभव की परवाह किए बिना अकेले पहाड़ पर चढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह नियम अब अल्पाइन और अभियान शैली के पर्वतारोहियों पर भी लागू होगा।
विदेशी पर्वतारोहियों के रॉयल्टी शुल्क में इजाफा
सरकार ने वसंत ऋतु में दक्षिण मार्ग से माउंट एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने का प्रयास करने वाले विदेशी पर्वतारोहियों के लिए रॉयल्टी शुल्क को बढ़ाकर 15000 अमेरिकी डॉलर प्रति व्यक्ति कर दिया है। मार्च से मई के बीच हिमालयी राष्ट्र में पर्वतारोहियों की बड़ी आमद होती है। पहले इसकी फीस 11,000 अमेरिकी डॉलर हुआ करती थी। वहीं सितंबर से नवंबर तक चलने वाले शरद ऋतु के लिए पर्वतारोहण रॉयल्टी को भी 5,500 अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 7,500 अमेरिकी डॉलर कर दिया गया है। इसके अलावा दिसंबर से फरवरी तक चलने वाले शीतकालीन अभियान और जून से अगस्त तक चलने वाले मानसून अभियान की फीस भी मौजूदा 2,750 अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 3,750 अमेरिकी डॉलर कर दी गई है।
आठ हजार पर्वतारोहियों के शुल्क में भी संशोधन
सरकार ने आठ हजार पर्वतारोहियों के शुल्क में भी संशोधन किया है। इसमें वसंत अभियान की रॉयल्टी 1800 अमेरिकी डॉलर से लगभग दो गुना बढ़कर 3000 अमेरिकी डॉलर, शरद ऋतु का शुल्क 900 अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 1500 अमेरिकी डॉलर और सर्दियों व मानसून अभियान के लिए रॉयल्टी को 450 अमेरिकी डॉलर से 750 अमेरिकी डॉलर कर दिया गया है। जबकि नेपाली पर्वतारोहियों के लिए वसंत ऋतु में सामान्य मार्ग की रॉयल्टी 75,000 रुपये से 1.5 लाख रुपये हो गई है।
बेस कैंप में नहीं जा सकेंगे परिवार के सदस्य
नेपाल ने पर्वतारोहियों के परिवार के सदस्यों, गाइडों और उच्च ऊंचाई वाले बेस कैंप के कर्मचारियों को भी बेस कैंप में जाने से प्रतिबंधित कर दिया है। नए नियम के अनुसार पर्यटन विभाग से पहले अनुमोदन ले चुके परिवार के सदस्यों को बेस कैंप में दो दिनों से अधिक समय तक रहने की छूट दी जा सकती है।
अधिकारियों के वेतन-भत्ते भी बढ़े
नेपाल सरकार ने पर्वतारोहियों के अलावा संपर्क अधिकारियों के दैनिक भत्ते, उच्च ऊंचाई वाले गाइडों और पर्वतारोहियों द्वारा भुगतान किए जाने वाले बेस कैंप कर्मचारियों के दैनिक वेतन में वृद्धि की है। संपर्क अधिकारियों का दैनिक वेतन 500 रुपये से बढ़कर 1600 रुपये हो गया है। सरदारों को अब 500 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। वहीं उच्च ऊंचाई वाले गाइडों का वेतन 350 रुपये से बढ़कर 1200 रुपये प्रतिदिन हो गया है। बेस कैंप कर्मचारियों का दैनिक वेतन 300 रुपये से बढ़कर 1000 रुपये हो गया है।
प्रदूषण रोकने का प्रयास
पहाड़ों में प्रदूषण को रोकने के लिए भी सरकार ने प्रयास किए हैं। वसंत से पर्वतारोहियों को अनिवार्य रूप से अपने अपशिष्ट को निपटान के लिए बेस कैंप में वापस लाना होगा। पर्वतारोहियों को ऊपरी इलाकों में अपशिष्ट संग्रह के लिए बायोडिग्रेडेबल बैग ले जाने की आवश्यकता होती है। नये प्रावधान एक सितम्बर से लागू होंगे। वसंत ऋतु में अभियान शुरू हो जाएगा।