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हमास प्रमुख की हत्या के पीछे मोसाद?: विदेश में दुश्मनों के खिलाफ इस्राइली एजेंसी के अभियानों का रिकॉर्ड, जानें

Wed, 31 Jul 2024 10:58 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव

सार

इस्राइल का अपने नागरिकों की हत्या का बदला लेने का लंबा इतिहास रहा है। फिर चाहे वह 1972 में म्यूनिख ओलंपिक में इस्राइली खिलाड़ियों की हत्या करने वाले आतंकियों को ढूंढ-ढूंढकर मारना हो या ड्रोन हमलों में दुश्मन देशों के बड़े राजनीतिक और सैन्य चेहरों को खत्म करने का। आइये जानते हैं मोसाद के ऐसे ही बड़े ऑपरेशन।
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इस्राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हमास के राजनीतिक शाखा के प्रमुख इस्माइल हानिया की बुधवार सुबह ईरान में हत्या कर दी गई। ईरान के अर्धसैनिक बल ईरान रेवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने इसकी पुष्टि की है। ईरान का कहना है कि हानिया की तेहरान स्थित उसके घर पर हत्या की गई है। हमले में हानिया के साथ उसके एक बॉडीगार्ड की भी जान गई है। अब तक किसी भी देश या खुफिया एजेंसी ने ईरान में हुए इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, आशंका है कि इस हमले को इस्राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने अंजाम दिया है। इस्राइल-हमास के बीच पिछले साल अक्तूबर में शुरू हुए संघर्ष के बाद इस्राइली सरकार ने हमले का बदला लेने और इसके जिम्मेदारों को उनके अंजाम तक पहुंचाने की चेतावनी भी जारी की थी। 
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गौरतलब है कि इस्राइल का अपने नागरिकों की हत्या का बदला लेने का लंबा इतिहास रहा है। फिर चाहे वह 1972 में म्यूनिख ओलंपिक में इस्राइली खिलाड़ियों की हत्या करने वाले आतंकियों को ढूंढ-ढूंढकर मारना हो या ड्रोन हमलों में दुश्मन देशों के बड़े राजनीतिक और सैन्य चेहरों को खत्म करने का। इस्राइल का दुश्मनों पर कार्रवाई करने का पुराना रिकॉर्ड रहा है और उसके इन मिशन्स को अंजाम देने में सबसे आगे रही उसकी खुफिया एजेंसी- मोसाद।

1. 1972 का ऑपरेशन रैथ ऑफ गॉड
दुश्मन देशों की जमीन पर ही दुश्मनों को खत्म करने का इस्राइल का इतिहास उसकी आजादी के बाद से ही शुरू हो गया था। हालांकि, उसके ज्यादातर हमले गुप्त ही रहे। इस्राइल ने खुलेतौर पर अपने दुश्मनों को खत्म करने का एलान पहली बार 1970 के दशक में किया, जब म्यूनिख ओलंपिक के दौरान कुछ फलस्तीनी आतंकियों ने जर्मनी में ही 11 इस्राइली खिलाड़ियों को मौत के घाट उतार दिया था। इस घटना के बाद खुफिया एजेंसी मोसाद ने बदला लेने के लिए ऑपरेशन 'रैथ ऑफ गॉड' शुरू किया था। इस अभियान के तहत इस्राइल ने म्यूनिख हमले के पीछे रहे ब्लैक सेप्टेम्बर संगठन के एक-एक सरगना को ढूंढ कर मारा। चौंकाने वाली बात यह है कि इस्राइल ने इस दौरान अपने से कहीं बड़े और खतरनाक सशस्त्र बल को निशाना बनाया था। दुनिया में आज भी मोसाद के इस अभियान की चर्चा की जाती है।

2. 1976 का ऑपरेशन थंडरबोल्ट
अरब के आतंकियों द्वारा हाइजैक फ्रांसीसी विमान को मोसाद अपने 94 नागरिकों के साथ युगांडा से मुक्त कराकर लाई थी। यह ऑपरेशन काफी चर्चित रहा था। इस ऑपरेशन में इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू के भाई योनातन नेतन्याहू की जान चली गई थी। यहां पढ़ें ऑपरेशन थंडरबोल्ट की पूरी कहानी...

3. 1960 में रूसी मिग-21 को इस्राइल लाना
उस दौर में सोवियत संघ रूस का मिग-29 सबसे उन्नत लड़ाकू विमान माना जाता था। इसे पाने में जब अमेरिका की सीआईए भी विफल रही तो फिर मोसाद की महिला एजेंट ने 1964 में इसे कर दिखाया। हालांकि, 1962 में इसी मिशन पर एक मोसाद एजेंट पकड़ा गया था, जिसे फांसी दे दी गई थी। 
 

4. 1960 अर्जेंटीना में सीक्रेट मिशन
मोसाद ने अर्जेंटीना में 1960 में एक सीक्रेट मिशन को अंजाम देते हुए नाजी युद्ध के अपराधी एडोल्फ एकमैन को गुपचुप तरीके से अपहरण करके इस्राइल ले आई। बाद में मुकदमा चलाकर उसे सजा दी गई। इस मिशन को पांच एजेंट्स ने पूरा किया था। 

5. 2020 ईरानी परमाणु वैज्ञानिक का खात्मा!
नवंबर 2020 में ईरान के सैन्य परमाणु कार्यक्रम शीर्ष वैज्ञानिक ब्रिगेडियर जनरल मोहसिन फखरीजादेह की हत्या कर दी गई है। हालांकि, मोसाद ने तब इसकी जिम्मेदारी खुले तौर पर नहीं ली, लेकिन जून 2021 में मोसाद के मुखिया ने इसे लेकर अहम खुलासे किए थे। 

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6. विदेश में ऐसे ही अन्य ऑपरेशन
  • मोसाद ने अमेरिका के लिए ईरान में घुस कर अलकायदा के नंबर दो आतंकी अल मसरी को मार गिराया। फिर ईरान में घुस कर आतंकी अबु मोहम्मद का भी खात्मा किया।  
  • फलस्तीनी नेता यासिर अराफात के राइट हैंड खलील अल वजीर उर्फ अबू जिहाद को ट्यूनिशिया में टूरिस्ट बनकर गए मोसाद के एजेंट ने परिवार के सामने ही 70 गोलियां मारी थीं। 
  • अपने ही देश के परमाणु कार्यक्रम की जानकारी लीक करने वाले बागी वैज्ञानिक वनुनु को पकड़ने के लिए मोसाद ने अपनी कातिल जांबाज हसीनाओं का इस्तेमाल किया और उसे प्रेम जाल में फंसाकर वापस इस्राइल ले आई। 
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