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रूस ने हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया, नाटो ने बताया क्षेत्र के लिए खतरा

Mon, 19 Jul 2021 09:38 PM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को

सार

ध्वनि की रफ्तार से नौ गुना तेजी से उड़ान भरने वाली इस मिसाइल को जिरकॉन नाम दिया गया है।
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सांकेतिक चित्र - फोटो : social media
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विस्तार
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रूस की सेना ने सोमवार को एक नयी हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल का कामयाब परीक्षण किया। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि इस मिसाइल की तैनाती से रूस की सैन्य क्षमता में बढ़ोतरी होगी। जबकि नाटो ने क्षेत्र के लिए खतरा करार दिया है। 

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रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रूस के उत्तर में श्वेत सागर में स्थित एडमिरल गोर्शकोव युद्धपोत से यह परीक्षण किया गया। मंत्रालय ने कहा कि इस मिसाइल ने बेरिंट सागर के तट से 350 किलोमीटर दूर लक्ष्य को सटीकता से भेद दिया।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि जिरकॉन मिसाइल ध्वनि की रफ्तार से नौ गुना तेजी से उड़ान भरेगी और इसका दायरा 1,000 किलोमीटर तक है। रूस की नौसेना ने नई मिसाइल के पूर्व में भी परीक्षण किए थे। पिछले साल अक्तूबर में पुतिन के जन्मदिन पर भी इस मिसाइल का परीक्षण किया गया था। अधिकारियों ने कहा कि यह परीक्षण इस साल पूरा हो जाएगा। जिरकॉन मिसाइल को युद्धपोतों, पनडुब्बियों, फ्रिगेट पर तैनात करने की योजना है। रूस कई हाइपरसोनिक मिसाइलें विकसित कर रहा है और यह मिसाइल भी उनमें से एक है।
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यूरोप व अटलांटिक क्षेत्र में गंभीर खतरा : नाटो
उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) ने रूस के मिसाइल परीक्षण पर बयान जारी कर कहा कि इससे भड़काऊ कृत्यों का खतरा बढ़ेगा। नाटो ने कहा, 'रूस की हाइपरसोनिक मिसाइल यूरोप अटलांटिक क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। नाटो के सहयोगी रूस की पारंपरिक और परमाणु-सक्षम मिसाइलों की बढ़ती श्रृंखला के लिए जवाब देने को प्रतिबद्ध हैं। रूस जो कर रहा है वह हम नहीं करेंगे लेकिन हम अपने राष्ट्रों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।'

अमेरिका ने ऑस्ट्रेलिया में दागी पैट्रियट मिसाइल
अमेरिका ने ऑस्ट्रेलिया में पहली बार अपने पैट्रियट मिसाइल सिस्टम का परीक्षण एक साझा युद्धाभ्यास के दौरान किया है। दोनों देशों के बीच तलिसमान साबरे 21 युद्धाभ्यास शुरू हुआ है। इससे पहले 16 जुलाई को जापान और गुआम में तैनात सतह से हवा में मार करने वाली पैट्रियट मिसाइलों ने ड्रोन विमानों को मार गिराने का अभ्यास किया था।

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