मोरक्को के गृह मंत्रालय ने कहा कि हथियार छीनने की कोशिश में तीन लोगों की मौत हो गई; हालांकि, किसी भी प्रत्यक्षदर्शी ने इसकी पुष्टि नहीं की। इस झड़प में सैकड़ों लोग घायल हुए हैं; इस बीच, मोरक्को मानवाधिकार संघ ने कहा है कि विरोध प्रदर्शनों में लगभग 1000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मोरक्को में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी लगातार जारी है, बीते रात भारी संख्या में प्रदर्शनकारी युवा सड़कों पर उतरे और सुरक्षाकर्मियों के साथ उनकी झड़प हुई, जिसमें तीन प्रदर्शनकारी मारे गए। मोरक्को में युवाओं के आंदोलन के उग्र होने और तीन प्रदर्शनकारियों के मारे जाने के एक दिन बाद गुरुवार को सरकार ने कहा कि वह उनकी शिकायतों का समाधान करेगी।
संवाद और बहस के लिए तैयार हूं- पीएम अजीज
प्रधानमंत्री अजीज अखन्नौच ने कहा कि वे इन मौतों पर शोक व्यक्त करते हैं। उन्होंने कानून प्रवर्तन एजेंसियों की व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों के लिए प्रशंसा की तथा संकेत दिया कि सरकार बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के प्रति सकारात्मक रुख अपनाने को तैयार है। प्रधानमंत्री ने मंत्रिपरिषद को संबोधित करते हुए कहा कि वह संस्थाओं और सार्वजनिक स्थानों के भीतर संवाद और बहस के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने चर्चा का विवरण नहीं दिया। पीएम अखन्नौच ने कहा, हमारे देश के सामने आने वाली कई समस्याओं से निपटने के लिए बातचीत पर आधारित दृष्टिकोण ही एकमात्र रास्ता है।
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'दंगाइयों ने सार्वजनिक भवनों पर किया हमला'
अधिकारियों ने गुरुवार को इस सप्ताह के दंगों में मरने वालों की संख्या तीन बताई और कहा कि सशस्त्र दंगाइयों ने सार्वजनिक भवनों पर हमला किया और कानून व्यवस्था को बाधित किया। वहीं, युवाओं के नेतृत्व में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के समाप्त होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि तटीय शहर अगादिर के बाहरी इलाके में स्थित एक छोटे से कस्बे लेकलिया में बुधवार को सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। मोरक्को के गृह मंत्रालय ने कहा कि पुलिस के हथियार छीनने की कोशिश के दौरान तीनों को गोली लगी। हालांकि कोई भी गवाह इस खबर की पुष्टि नहीं कर सका।
दंगाइयों के हमले में कई अधिकारी घायल
मंत्रालय ने बताया कि 354 लोग जिनमें ज्यादातर कानून प्रवर्तन अधिकारी हैं घायल हुए हैं। उसने बताया कि देश के 23 प्रांतों में सैकड़ों कारों के साथ-साथ बैंकों, दुकानों और सार्वजनिक इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। मंत्रालय के अनुमान के अनुसार, पूरे देश में लगभग 70 प्रतिशत प्रदर्शनकारी नाबालिग हैं।