चांद की मिट्टी, चट्टानों व अन्य नमूनों के परीक्षण में जुटे चीन ने अमेरिका समेत विश्व के तमाम देशों से सहयोग मांगा है। चीन का मानव रहित ‘चांग‘ई-5 लुनार प्रोब‘ मिशन हाल ही में वहां से करीब 1.731 किलो के सैंपल लेकर लौटा है। हालांकि लक्ष्य दो किलो सैंपल लाने का रखा गया था।
चीन के इस ऐतिहासिक ताजा चांद मिशन को 22 घंटे में चांद की सतह से करीब दो किलो नमूने लेकर लौटने का लक्ष्य दिया गया था, हालांकि वह 12 घंटे से ज्यादा काम नहीं कर सका और इस दौरान उसने 1.731 किलो के नमूने एकत्रित किए। चीन के इस मिशन के प्रवक्ता पेई होआउ ने सोमवार को कहा कि उनका देश चाहता है कि चांद में रुचि रखने वाले सभी देश उसके इस परीक्षण में शामिल हो सकते हैं।
चांद से नमूने लाने वाला चीन तीसरा देश
इस मिशन के साथ ही चीन चांद से नमूने लाने वाला तीसरा देश बन गया है। चीन ने इस काम के लिए ‘चांग‘ई-5 लुनार प्रोब‘ नामक मानव रहित मिशन भेजा था। ‘‘चांग‘ई-5 लुनार प्रोब‘‘ नाम चीन की पौराणिक मान्यताओं के अनुसार चांद देवी पर रखा गया था। यह पिछले माह लौटा है।
चीन के साथ नासा का सीमित सहयोग
चीन चांद को लेकर अपने इस मिशन में अमेरिका समेत सभी देशों से सहयोग मांगा है। हालांकि अमेरिका ने सालों से अपनी अंतरिक्ष एजेंसी नासा पर चीन के साथ सहयोग को सीमित कर रखा है।
45 साल बाद मिली कामयाबी
ज्ञात हो कि दिसंबर 2020 चीनी अंतरिक्ष यान करीब 45 साल बाद पहले ही प्रयास में चांद से मिट्टी के नमून लेकर धरती पर लौटा था। यह यान 1 दिसंबर को चंद्रमा की सतह पर पहुंचा था और परीक्षण किए थे। चांद की सतह पर दो मीटर के छेद कर नमूने एकत्रित किए थे।
चांद की सतह पर पहुंचने वाला यह चीन का यह तीसरा यान था। इससे पहले भेजा गया ‘‘चांग‘ई-5 ‘ चंद्रमा के सुदूरवर्ती क्षेत्र में पहुंचने वाला पहला यान था। चीन ने 2004 में चांद की परिक्रमा और लैंडिग का तीन चरणीय कार्यक्रम शुरू किया था, जो मिशन के सफलतापूर्वक संपन्न होने के साथ ही खत्म हो गया।
सबसे पहले अमेरिका ने भेजा था मानव मिशन
चांद से मिट्टी के नमूने पहले भी धरती पर लाए जा चुके हैं। सबसे पहले अमेरिका ने चांद के नमूने एकत्रित करने के लिए अंतरिक्ष यात्रियों को भेजा था, जिसके बाद चीन का यह पहला प्रयास था। सोवियत संघ के चांद के नमूने एकत्रित करने के मानवरहित अभियान के दौरान अंतरिक्ष यान चंद्रमा से उड़ान भरकर सीधे पृथ्वी पर लौट आया था।