पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक सुनने और बोलने में अक्षम हिंदू नाबालिग अब मीडिया के सामने आई है। नाबालिग लड़की एक हफ्ते से अधिक समय से गुमशुदा थी। उसके पास कथित तौर पर इस्लाम धर्म अपनाने का प्रमाण पत्र था और उसने खुद से कई साल बड़े मुसलमान व्यक्ति से शादी करने का दावा किया है।
यह नाबालिग बदीन जिले के कोरोहा कस्बे की रहने वाली है और करीब नौ दिन पहले लापता हो गई थी। उसके माता-पिता ने स्थानीय पुलिस थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज करवाई थी। शनिवार को यह नाबालिग बदीन प्रेस क्लब में अपने कथित पति के साथ मीडिया के सामने आई। वहां उसकी तस्वीरें ली गईं, जिनमें वह धर्म परिवर्तन का प्रमाण पत्र पकड़े हुई थी।
लड़की के पिता ने सवाल उठाते हुए कहा कि एक बहरी-गूंगी नाबालिग लड़की कैसे एक ऐसे व्यक्ति से शादी के लिए सहमति दे सकती है, जो नशे का कारोबारी है और जिसकी पहले से सात बेटियां हैं।
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दारावर इत्तेहाद पाकिस्तान नामक संगठन के प्रमुख शिवा कच्छी ने कहा कि लड़की का अपहरण किया गया है, लेकिन पुलिस ने परिवार की शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की। यह संगठन हिंदुओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए काम करता है।
शिवा कच्छी ने कहा, हमने अपने वकीलों से इस मामले को आगे बढ़ाने की बात की है, क्योंकि हमें नहीं लगता कि लड़की ने यह सब अपनी मर्जी से किया होगा। उन्होंने बताया कि उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर स्वतंत्र जांच की मांग की है।
दिवाली से पहले सुरक्षा बढ़ाई गई
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में प्रशासन ने हिंदू त्योहार दिवाली के शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए राजधानी पेशावर और उसके आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि त्योहार को देखते हुए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। पेशावर के प्रमुख स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और विशेष टीमें दिन-रात गश्त और निगरानी कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मंदिरों और अन्य संवेदनशील जगहों के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जा सके। पुलिस, जिला प्रशासन और खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो और हिंदू समुदाय दिवाली को बिना डर के मना सके।
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इस बीच, त्योहार की तैयारियां जोरों पर हैं। हिंदू समुदाय के लोग मंदिरों और घरों को दीयों, फूलों और पारंपरिक सजावटों से सजा रहे हैं। कई मंदिरों में विशेष पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि पेशावर के आसपास के जिलों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। शहर के अंदर और बाहर आने-जाने वाले रास्तों पर चेकपोस्ट बनाकर निगरानी की जा रही है। 'रोशनी का त्योहार' दिवाली अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।