US: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक एआई वीडियो साझा किया, जिसमें वह 'किंग ट्रंप' लिखे लड़ाकू विमान से 'नो किंग्स' प्रदर्शनकारियों पर कीचड़ फेंकते दिख रहे हैं। इस आंदोलन में ट्रंप प्रशासन के खिलाफ अमेरिका के 2,700 से अधिक शहरों में 70 लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। विरोध के बीच व्हाइट हाउस ने ट्रंप की सम्राट के रूप में तस्वीर भी साझा की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से बना वीडियो साझा किया, जिसमें वह खुद एक लड़ाकू विमान उड़ाते दिख रहे हैं। उस विमान पर 'किंग ट्रंप' लिखा हुआ है और वह न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर जैसी जगह पर उन लोगों पर कीचड़ गिरा रहे हैं, जो 'नो किंग्स' आंदोलन कर रहे हैं। 19 सेकंड के इस वीडियो को ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर डाला। इसमें वह अमेरिकी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैरी सिसन और बाकी प्रदर्शनकारियों पर ऊपर से कीचड़ फेंकते नजर आते हैं।
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सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, 'नो किंग्स' प्रदर्शन में लगभग 70 लाख लोग शामिल हुए। यह प्रदर्शन अमेरिका के 2,700 से ज्यादा शहरों और कस्बों में फैला, जहां लोगों ने ट्रंप प्रशासन और उसकी नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध जताया। यह संख्या जून में हुए पहले 'नो किंग्स' प्रदर्शन से 20 लाख ज्यादा है।
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पुलिस के मुताबिक, ये प्रदर्शन ज्यादातर शांतिपूर्ण रहे और किसी बड़े झड़प या गिरफ्तारी की खबर नहीं है। सीएनएन ने बताया कि ट्रंप की सख्त आव्रजन नीति का केंद्र शिकागो में लोगों ने 'हैंड्स ऑफ शिकागो' जैसे पोस्टर लेकर और उल्टे अमेरिकी झंडे व मैक्सिकन और प्राइड झंडे लहराकर प्रदर्शन किया।
लॉस एंजिलिस में प्रदर्शनकारियों ने फुलाए हुए पोशाकें पहनकर अमेरिकी झंडे लहराए और सड़कों पर उतरे। वहीं, वॉशिंगटन डीसी में सरकार शटडाउन के 18वें दिन मौजूदा और पूर्व सरकारी कर्मचारियों ने पेनसिल्वेनिया एवेन्यू पर प्रदर्शन किया और राजनीति में शांति की अपील की।
इस बढ़ते विरोध के बीच व्हाइट हाउस ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप को सम्राट का ताज पहने दिखाया गया।
ये प्रदर्शन उस समय हो रहे हैं जब अमेरिका में राजनीतिक तनाव चरम पर है। सरकार का कामकाज बंद है और वॉशिंगटन में बजट बिल को लेकर डेमोक्रेट और रिपब्लिकन नेताओं के बीच टकराव जारी है। डेमोक्रेट नेताओं ने इन प्रदर्शनों का समर्थन किया है, जबकि कई रिपब्लिकन सांसदों ने इन्हें अमेरिका विरोधी बताया है।