जिस जगह जहाज पर हमला हुआ, वह दुनिया के सबसे खास समुद्री रास्तों में से एक है। खासकर कच्चे तेल के व्यापार के लिए यह रूट बेहद अहम है। कार्गो शिप के स्वामित्व वाली कंपनी ने बयान में बताया कि हमले में उनके जहाज को भारी नुकसान हुआ है।
हॉलैंड का झंडा लगे एक कार्गो जहाज पर सोमवार को अदन की खाड़ी में मिसाइल हमला हुआ। इस हमले में जहाज बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है और चालक दल के दो सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हमले के बाद चालक दल के सदस्य जहाज को छोड़कर भाग गया। अदन की खाड़ी में किसी जहाज पर हुआ यह हाल के समय में सबसे गंभीर हमला है। जिस जगह हमला हुआ, वह लाल सागर से कुछ दूरी पर है।
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यमन के हूती विद्रोहियों पर लगा हमले का आरोप
हमले का आरोप ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों पर लगा है। हालांकि अभी तक हूती विद्रोहियों ने आधिकारिक तौर पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। फ्रांसीसी सेना के मेरीटाइम सेंटर ने दावा किया है कि कार्गो शिप पर हमला हूती विद्रोहियों द्वारा ही किया गया है। जिस कार्गो शिप पर हमला हुआ, उस पर बीती 23 सितंबर को भी हमले की असफल कोशिश हुई थी। वह हमला भी अदन की खाड़ी में किया गया था। अदन की खाड़ी, बाब अल मंदेब जलडमरूमध्य को लाल सागर से जोड़ती है। बाब अल मंदेब जलडमरूमध्य पूर्वी अफ्रीका को अरब प्रायद्वीप से अलग करता है।
अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार के लिए बेहद अहम है ये समुद्री रास्ता
जिस जगह जहाज पर हमला हुआ, वह दुनिया के सबसे खास समुद्री रास्तों में से एक है। खासकर कच्चे तेल के व्यापार के लिए यह रूट बेहद अहम है। कार्गो शिप के स्वामित्व वाली कंपनी ने बयान में बताया कि हमले में उनके जहाज को भारी नुकसान हुआ है। एक हेलीकॉप्टर की मदद से क्रू के 19 सदस्यों को जहाज से निकाला गया और जिबूती ले जाया गया। क्रू के दो सदस्य गंभीर रूप से घायल हैं। जहाज के क्रू में शामिल लोग फिलीपींस, रूस, श्रीलंका और यूक्रेन के निवासी हैं।
गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से हूती विद्रोही फलस्तीनियों के समर्थन में लाल सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं। हूती विद्रोही अब तक 100 से ज्यादा जहाजों को निशाना बना चुके हैं, जिससे वैश्विक व्यापार बुरी तरह से बाधित हुआ है। हालांकि हॉलैंड के जिस जहाज पर अब हमला हुआ है, उसका इस्राइल से कोई संबंध नहीं है।