म्यांमार में सेना फरवरी में तख्तापलट के बाद से क्रूरता की सारी हदें पार कर रही है। पिछले कुछ हफ्तों में वहां सैनिकों के हाथों अब तक करीब 43 बेकसूर बच्चे जान गंवा चुके हैं। इनमें से कई खेलते हुए मारे गए तो कुछ परिवार के साथ बाहर निकले और फिर लौटकर नहीं आए। इन्हीं बच्चों में से एक नाम है दस साल की बच्ची आये म्यात थु का। थु इन दिनों दुनियाभर में म्यांमार में चल रहे सैन्य जुल्म की पराकाष्ठा का उदाहरण बन गई है। रविवार को उसके अंतिम संस्कार के मार्मिक दृश्यों ने दुनिया को झकझोर दिया।
छीन ली हमारी परी, कैसे लें बदला
थु की मां दाव टोए टोए विन कहती हैं, हमने बेटी को अपनी आंखों के सामने दम तोड़ते देखा है। हमें न्याय कौन देगा। हम कहां आैर किससे बदला लें। थु के चाचा यु थेन युआंत कहते हैं कि मेरा वश चले तो मैं दोषी फौजियों की चमड़ी उधेड़ दूं, उन्होंने हमारी ‘परी’ को छीन लिया। पिता सदमे में हैं। बस एक ही बात दोहरा रहे हैं-गोली लगते ही थु गिरी और मर गई।
टिकटॉक पर बनती थी राजकुमारी
थ ने पैसे जोड़कर एक साइकिल खरीदी थी, जिस पर वह नीली टोकरी लगाए रखती थी। उसे टिकटॉक का शौक था और राजकुमारी वाले फिल्टर लगाकर अपनी बहनों के साथ नाचते हुए काफी वीडियो बनाती थी।