अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने सोमवार को कहा कि चीन ने भारत के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अपनी सेनाएं बढ़ा दी हैं और कई स्थानों पर सैन्य रूप से विस्तार करने के निरंतर प्रयास किए हैं। पिछले महीने चीन ने लद्दाख सेक्टर की गलवां घाटी और पेगोंग त्सो क्षेत्र में बड़ी संख्या में अपने सैनिकों को चार बिंदुओं पर तैनात कर दिया था। यह 2017 में दोकलम प्रकरण के बाद दोनों देशों के बीच का सबसे बड़ा टकराव था।
'व्हाट द हेल इज गोइंग ऑन इन द वर्ल्ड' पॉडकास्ट में पोम्पियो ने मार्क थिसेन और डेनियल पलेटका से कहा, ‘हम देखते हैं कि आज भी चीन की बढ़ती ताकतें भारतीय सीमा पर एलएसी की तरफ भारत के उत्तर की ओर बढ़ी हैं। ये उस तरह के कार्य हैं जो सत्तावादी शासन करते हैं और जिनका वास्तविक प्रभाव पड़ता है।’ उन्होंने हांगकांग का भी जिक्र किया और कहा कि अमेरिका के ऊपर एक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अमेरिकी लोगों को विदेश नीति के तहत बेहतर सेवा दी जाए। एक सवाल के जवाब में पोम्पियो ने कहा कि हाल के दिनों में भारतीय सीमा या हांगकांग या दक्षिण चीन सागर पर चीनी कार्रवाई चीनी व्यवहार का हिस्सा रही है।
अमेरिकी अधिकारी ने कहा, ‘यह केवल बीते छह महीने नहीं हैं। सैन्य क्षमताओं में चीनी बढ़ोतरी और फिर लगातार आक्रामक कार्रवाई को हमने पिछले कुछ वर्षों में देखा है। मैंने भारत का जिक्र किया। आपने दक्षिण चीन सागर का। हमने देखा है कि चीन बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के जरिए वे दुनियाभर के बंदरगाहों पर निर्माण कार्य कर रहा है ताकि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी, नेवी को स्थानांतरित कर सके। हमने उनके सैन्य विस्तार के निरंतर प्रयासों को देखा है।’
उन्होंने कहा कि पिछले 20 सालों से अमेरिका ने इन चीजों पर प्रतिक्रिया नहीं दी है। पोम्पियो ने कहा, 'हमने चीनी बाजार के 1.5 बिलियन लोगों को अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना है। कुछ अन्य राष्ट्रों का पक्ष लेते हुए चीन हमें जवाब देता है। मुझे लगता है कि लोग इस बात से बहुत चिंतित हो गए हैं कि हम उन सभी देशों पर एक जैसी कार्रवाई कर रहे हैं जो चीन जैसा व्यवहार करते हैं।'