ब्राजील के दक्षिणी राज्य रियो ग्रांडे डो सुल में भारी बारिश के बाद हालात बद से बदतर हो गए हैं। वहीं भारत, नेपाल और वियतनाम के सैकड़ों प्रवासी मुश्किल में फंस गए हैं। यह लोग हफ्तों से साओ पाउलो के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विषम हालातों में फंसे हुए हैं। फर्श पर सो रहे हैं। इन्हें ब्राजील में प्रवेश करने का इंतजार है।
यह है मामला
दरअसल, ब्राजील के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय ने बुधवार को एलान किया था कि सोमवार से ब्राजील के वीजा के बिना विदेशी यात्री जो किसी अन्य देश के लिए यात्रा कर रहे होंगे, वह सीधे अपने गंतव्य की यात्रा करें या उन्हें अपने देश वापस लौटना होगा। मंत्रालय का कहना था कि अमेरिका और कनाडा जाने वाले यात्री ब्राजील को पड़ाव के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। इसलिए अब बिना वीजा के साओ पाउलो पहुंचने वाले यात्रियों को ब्राजील में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
एक प्रवासी की मौत
पब्लिक डिफेंडर कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि घाना के एक 39 साल के प्रवासी की दो सप्ताह पहले अज्ञात कारणों से मृत्यु हो गई थी। यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हवाईअड्डे पर भर्ती रहने के दौरान उसकी मौत हुई थी या अस्पताल ले जाते समय।
600 से ज्यादा प्रवासी हवाईअड्डे पर फंसे
अधिकारी का कहना है कि कम से कम 666 प्रवासी ग्वारुलहोस हवाईअड्डे पर बिना वीजा के ब्राजील में प्रवेश करने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में सरकार प्रवेश नियमों को कड़ा करने की योजना बना रही है ताकि अमेरिका और कनाडा जाने के लिए ब्राजील को पड़ाव के रूप में इस्तेमाल करने वाले विदेशियों को रोका जा सके।
न नहाने की व्यवस्था और न ही खाने की
उन्होंने आगे बताया कि प्रवासियों को एक प्रतिबंधित क्षेत्र में रखा गया है, जहां नहाने की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां तक कि आवाजाही सीमित है। इससे इन लोगों के लिए भोजन और पानी पहुंचाना मुश्किल हो गया है। वहीं बच्चे और किशोर बिना कंबल के सर्दी में रह रहे हैं।
स्थितियों में सुधार की तत्काल जरूरत
पब्लिक डिफेंडर कार्यालय ने पाया कि प्रवासियों के मानवाधिकारों का उल्लंघन तो हो ही रहा है। साथ ही साथ इन लोगों का स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। एक न्यूज एजेंसी ने कहा कि प्रवासियों के लिए स्थितियों में तत्काल सुधार करने की आवश्यकता है। साथ ही अधिकारियों से शरणार्थियों को स्वीकार करने और उन्हें उनके मूल देश में नहीं लौटने के मानवीय सिद्धांत के आधार पर ब्राजील के कानून का पालन करने का आग्रह किया।
यह है आरोप
न्यूज एजेंसी और एक वरिष्ठ पुलिस स्रोत द्वारा देखी गई अधिकारियों की दो रिपोर्टों के अनुसार, ब्राजील में प्रवेश करने के लिए वे शरणार्थी का दर्जा मांगते हैं, अपने देश में उत्पीड़न और धमकियों का आरोप लगाते हैं, लेकिन अधिकांश लोग जब भी संभव हो उत्तर की ओर यात्रा करते हैं।
यह स्पष्ट नहीं है कि नए नियम साओ पाउलो हवाई अड्डे पर पहले से मौजूद प्रवासियों पर लागू होंगे या केवल उन प्रवासियों पर लागू होंगे जो नियम लागू होने के बाद यहां पहुंच रहे हैं।