ऑस्ट्रेलियाई नियामक के आदेश के विरुद्ध मेटा ने समाचार सामग्री के लिए भुगतान न करने का एलान किया है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, वॉट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म का स्वामित्व रखने वाले मेटा के इस फैसले से ऑस्ट्रेलिया के तमाम समाचार प्रकाशक परेशान हैं। मेटा ने कहा, वह फेसबुक पर दिखाई देने वाली सामग्री के लिए ऑस्ट्रेलियाई समाचार प्रकाशकों को भुगतान बंद कर रहा है।
ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश था, जिसने मेटा और गूगल जैसे टेक दिग्गजों के खिलाफ समाचार सामग्री के लिए भुगतान का आदेश दिया था। समाचार प्रकाशकों व ऑस्ट्रेलियाई नियामक का तर्क था कि समाचार लेखों के लिंक जब इन टेक प्लेटफॉर्म पर दिखाई देते हैं, इससे फेसबुक और गूगल को विज्ञापन राजस्व मिलता है, लेकिन इस राजस्व में से समाचार प्रकाशकों को उचित लाभ नहीं दिया जाता है।
सोशल मीडिया पर समाचार और राजनीतिक सामग्री को नहीं देगा प्रोत्साहन
दुनिया के तमाम देशों में मेटा व गूगल के खिलाफ प्रतिस्पर्धा नियामकों के सामने समाचार प्रकाशकों ने मांग रखी है कि उनकी सामग्री का इस्तेमाल कर इन प्लेटफॉर्मों ने बेहिसाब विज्ञापन राजस्व अर्जित किया है, लेकिन उसका उचित हिस्सा उन्हें नहीं दिया। भारत में भी इस संबंध में डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (डीएनपीए) की तरफ से प्रतिस्पर्धा आयोग के सामने इस मुद्दे को उठाया गया है, जिस पर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है।
रीपोस्ट का विकल्प हटाया
मेटा ने ऑस्ट्रेलिया व कनाडा में समाचार प्रकाशकों के साथ लाइसेंस सौदा करने से बचने के लिए समाचार सामग्री को रिपोस्ट करने का विकल्प खत्म कर दिया है। न्यूज कॉर्प ऑस्ट्रेलिया के कार्यकारी अध्यक्ष माइकल मिलर ने कहा कि मेटा यह सब अपनी अकूत बाजार ताकत की वजह से कर रहा है।
पीएम अल्बनीज निराश
ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मेटा के एलान पर निराशा जताई है। कहा, यह ऑस्ट्रेलियाई तरीका नहीं हैं। सरकार इस मामले में वित्त विभाग और प्रतिस्पर्धा व उपभोक्ता आयोग (एसीसीसी) के साथ अगले कदमों के बारे में विचार कर रही है। उन्होंने इस पर उचित कार्रवाई की बात कही।