पेरिस में होने वाली फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बैठक से पहले ही आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का सरगना मसूद अजहर पाकिस्तान सेना की कैद से गायब हो गया है।
पाकिस्तान के मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) के संस्थापक अल्ताफ हुसैन ने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) प्रमुख और संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकी घोषित मसूद अजहर पाकिस्तान सेना की कैद से गायब हो गया है। हुसैन ने कहा कि आतंकी के गायब होने से पाकिस्तान के प्रतिबंधित संगठनों को लेकर बनाई गई नीति पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
हुसैन ने ट्वीट कर कहा कि पेरस में होने वाले फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बैठक से पहले अजहर और उसके परिवार के लापता होने की खबरें आई है। इस हफ्ते, पेरिस स्थित वैश्विक आतंकी वित्तपोषण मामले मे जांच करने वाली संस्था एफएटीएफ मूल्यांकन करेगी कि पाकिस्तान ने आतंकी वित्तपोषण से लड़ने के लिए अपनी कार्य योजना को लागू किया है या नहीं और क्या उसने आतंकवाद रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाए हैं या नहीं।
एफएटीएफ में 205 देशों के और न्यायालयों के 800 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे
आईएमएफ, संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक और अन्य संगठनों सहित दुनिया भर के 205 देशों और न्यायालयों के 800 से अधिक प्रतिनिधि एफएटीएफ की बैठक में भाग लेंगे। एक दूसरे ट्वीट में, हुसैन ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटारेस की पाकिस्तान यात्रा पर अपनी चिंता व्यक्त की।
एमक्यूएम नेता ने पूछा कि क्या संयुक्त राष्ट्र प्रमुख अपनी चार दिवसीय यात्रा के दौरान सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के प्रांतों का दौरा करेंगे और वहां रह रहे लोगों की दमन की कहानियों को सुनेंगे।
गौरतलब हो कि पेरिस में 19 फरवरी को होने वाली बैठक में एफएटीएफ यह समीक्षा करेगा कि क्या पाकिस्तान ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में उसकी कार्ययोजना को सही तरीके से कार्यान्वित किया है या नहीं।
जुलाई, 2019 में चीन की अध्यक्षता में हुई बैठक में आतंक के खिलाफ इस्लामाबाद के कदमों को लेकर संतोष व्यक्त किया गया था। हालांकि इसके बावजूद पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में बरकरार रखा गया था। इसके बाद अक्तूबर बीजिंग में हुई एफएटीएफ के एशिया प्रशांत समूह की बैठक में तकनीकी दृष्टिकोण से पाकिस्तान के हालातों की समीक्षा की गई थी।
27 में से 22 बिंदुओं पर अनुपालन नहीं किया तो ब्लैक लिस्ट होगा पाकिस्तान
एफएटीएफ ने पाकिस्तान को फरवरी 2020 तक वक्त किया था। एफएटीएफ ने चेतावनी दी थी कि अगर तब तक पाकिस्तान 27 में से 22 बिंदुओं पर उसकी सिफारिशों का अनुपालन नहीं करता है तो उसे ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा।
अब एफएटीएफ यह फैसला करेगा कि क्या पाकिस्तान ने ब्लैक लिस्ट होने से बचने के लिए उपयुक्त कदम उठाए हैं या नहीं। अगर पाक को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाता है तो उसे अंतरराष्ट्रीय बहिष्कार का सामना करना पड़ सकता है।