फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rescue Call: जुकरबर्ग की यॉट ने नहीं सुनी मदद की रेडियो कॉल, अलास्का में फंसी नाव को लेकर अब दी क्या सफाई?

Mon, 10 Aug 2026 10:22 PM IST
Devesh Tripathi पीटीआई, न्यूयॉर्क

सार

अलास्का के तट के पास ईंधन खत्म होने से परेशान एक छोटी नाव को बचाने के मामले में मार्क जुकरबर्ग की यॉट चर्चा में आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी तटरक्षक बल ने आसपास के जहाजों से सहायता मांगी थी, लेकिन जुकरबर्ग की यॉट का चालक दल उस रेडियो संदेश को समय पर नहीं सुन पाया।
विज्ञापन
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मार्क जुकरबर्ग की मालिकाना हक वाली यॉट के चालक दल ने अलास्का के तट के पास ईंधन खत्म होने से फंसी एक छोटी नाव की मदद के लिए की गई रेडियो कॉल नहीं सुनी थी। जब चालक दल को इसके बारे में पता चला, तब तक पास मौजूद एक अन्य जहाज मदद के लिए पहुंच चुका था। मेटा के सीईओ जुकरबर्ग के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।
विज्ञापन


'अलास्का बीकन' की रिपोर्ट के मुताबिक, छोटी नाव ने तीन अगस्त को अमेरिकी तटरक्षक बल के जरिए मदद की अपील की थी। पास मौजूद छोटी क्रूज शिप 'वाइल्डरनेस लिगेसी' ने दक्षिण-पूर्वी अलास्का में उसे पास की फर्रागट बे तक खींचकर पहुंचाया और उसमें ईंधन भरा।

क्या कहता है मदद की रेडियो कॉल पर समुद्री कानून?
समुद्री कानून के तहत हर जहाज के लिए संकट में फंसे किसी जहाज की मदद की अपील या अनुरोध का जवाब देना जरूरी है, जब तक ऐसा करने से उसके अपने जहाज को खतरा न हो। जुकरबर्ग की 'लॉन्चपैड' नाम की यॉट फंसी हुई नाव के ज्यादा करीब थी, लेकिन उसने मदद की कॉल का जवाब नहीं दिया था। समुद्री कानून के विशेषज्ञ इयान राल्बी ने कहा कि उन्होंने ऐसे जहाजों को भी देखा है, जो कई वर्षों से किसी प्रतियोगिता के लिए अभ्यास कर रहे थे, लेकिन दूसरे जहाज की मदद के लिए अपनी दौड़ छोड़ दी। 
विज्ञापन


राल्बी ने कहा, ''समुद्र में अगर संभव हो तो इंसानों को दूसरे इंसानों की जान बचाना जरूरी है। इसका पूरा मकसद यह है कि समुद्री गतिविधियां खतरनाक होती हैं, समुद्र में होना खतरनाक है और हम हर उस व्यक्ति की जान बचाना चाहते हैं जो यह जोखिम उठाता है, चाहे वह कुछ भी कर रहा हो।'' राल्बी 'ऑक्सिलियम वर्ल्डवाइड' के अध्यक्ष हैं।

कैसे सुर्खियों में आया मामला? 
यह मामला तब चर्चा में आया जब बचाव अभियान में मदद करने वाले एक क्रूज यात्री ने सोशल मीडिया पर इसके बारे में पोस्ट किया। 'वाइल्डरनेस लिगेसी' क्रूज शिप पर सवार होने का दावा करने वाले माइकल लव ने पांच अगस्त को ब्लूस्काई पर लिखा, ''मैं अपने बेटे के साथ अलास्का की एक छोटी-जहाज वाली क्रूज यात्रा पर हूं।''

उन्होंने लिखा, ''हमारे जहाज ने पिछली रात एक फंसे हुए जहाज को बचाया और लगता है कि हमने ऐसा तब किया, जब तटरक्षक बल ने मार्क जुकरबर्ग की यॉट को रेडियो किया था, जो ज्यादा करीब थी, लेकिन उसने बार-बार जवाब देने से इनकार कर दिया। कप्तान ने जब यह बताया तो लगभग सभी यात्रियों ने हूटिंग की।''

जुकरबर्ग ने दी क्या सफाई?
जुकरबर्ग के प्रवक्ता ब्रायन बेकर ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि यॉट के चालक दल ने रेडियो कॉल तुरंत नहीं सुनी थी। बेकर ने कहा, ''घटना के समय मार्क और उनका परिवार यॉट पर सवार नहीं था।'' उन्होंने कहा, ''जैसा कि तटरक्षक बल ने बताया, नाव संकट में नहीं थी। जब चालक दल ने तटरक्षक बल के संपर्क की जानकारी उस अलग रेडियो चैनल पर देखी, जिस पर वे काम कर रहे थे, तब तक मदद की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी।'' उन्होंने कहा, ''हमें खुशी है कि सभी लोग सुरक्षित हैं।''
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें