भारत के भगौड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर एक बार फिर उम्मीदें बढ़ीं हैं। ब्रिटेन यात्रा पर आए विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने शनिवार को लंदन में कहा कि यूके की सरकार ने माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर 'श्रेष्ठ आश्वासन' दिया है।
दो दिनी ब्रिटेन यात्रा के दौरान श्रृंगला ने ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रकुल व विकास कार्यालय एफसीडीओ के अधिकारियों के साथ विस्तार से बैठकें कीं। इसमें भारत-ब्रिटेन साझेदारी-2030 को मजबूत करने के रोडमैप की समीक्षा की गई।
श्रृंगला ने कहा कि भारत ने माल्या के प्रत्यर्पण के लिए मजबूती से अपना पक्ष रखा। ब्रिटिश अधिकारियों को बताया गया कि माल्या आर्थिक अपराधों के सिलसिले में वांछित है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी, मुद्रा शोधन और बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस के कर्ज नहीं चुकाने के मामले लंबित हैं। विदेश सचिव ने बताया कि ब्रिटिश अधिकारियों ने माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर भारत सरकार को ठोस आश्वासन दिया है। दो दिनी दौरे के दौरान श्रृंगला ने भारत के भगौड़े आर्थिक अपराधियों के प्रत्यर्पण को लेकर भी विस्तार से चर्चा की।
विदेश सचिव को ब्रिटिश अधिकरियों ने बताया कि उनके देश में प्रत्यर्पण की एक प्रक्रिया है और उसी के अनुरूप माल्या के मामले में कार्यवाही जारी है। इसमें विलंब को लेकर पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में यह बात कही। माना जा रहा है कि पिछले साल माल्या द्वारा सारी कानूनी लड़ाई हार जाने के बाद उसने गोपनीय ढंग से वहां शरण देने की अर्जी की प्रक्रिया भी जारी है।
ब्रिटेन में भारत की उच्चायुक्त गायत्री इस्सर कुमार ने कहा कि लंदन स्थित भारतीय दूतावास इस मामले को लेकर लगातार दबाव बनाए हुए है। उच्चायोग का मानना है कि प्रत्यर्पण तय है। बस कुछ कानूनी प्रक्रिया जारी हैं। वह होना ही है, क्योंकि वह न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इस बीच सोमवार को लंदन हाईकोर्ट में माल्या के दिवालिया होने के मामले पहुंच जाएगा। एसबीआई के नेतृत्व में भारत के बैंकों के एक समूह ने 65 वर्षीय कारोबारी से बकाया कर्ज की वसूली को लेकर यह कार्यवाही शुरू की है।