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Maldives: माले में भीषण आग हादसे के बाद जागी सरकार, राष्ट्रपति बोले- कारखानों-गैराज को करेंगे पुनर्स्थापित

Sat, 12 Nov 2022 03:59 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, माले

सार

माले में मावेयो मस्जिद के पास स्थित एम निरुफेही में गुरुवार को एक कार रिपेयरिंग गैरेज में आग लग गई थी। ये गैरेज भूतल पर स्थित था। वहीं, इस इमारत की पहली मंजिल में बांग्लादेश, भारत और श्रीलंका के प्रवासी श्रमिक रहते थे।
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मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मालदीव के शहर माले में गुरुवार रात एक 'गैराज' में आग लगने की घटना सामने आई थी। इस घटना में 10 लोगों की मौतों की पुष्टि हुई थी। वहीं, मृतकों में 9 भारतीय शामिल थे। माले में आग की इस घटना को शहर के इतिहास की सबसे भीषण आग की घटनाओं में रखा गया है। वहीं, शनिवार को मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह ने हादसे का शिकार हुई इमारत का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कारखानों और 'गैराज' आदि को रिहायशी इलाकों से बाहर स्थानांतरित करने की बात कही। 

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राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने किया घटनास्थल का दौरा
वहां की स्थानीय मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रपति साहेह ने कहा कि वे गैराज और कारखानों को रिहायशी इलाकों और बिल्डिंगों को बाहर करने पर विशेष रूप से ध्यान देंगे। उन्होंने स्वीकार किया कि गैराज और कारखानों को रिहायशी इलाकों में नहीं होना चाहिए था। ये गलत है, लेकिन वे इस संबंध में शीघ्र ही कार्रवाई करेंगे। उन्होंने ये बयान घटनास्थल का दौरा करने के बाद दिया। वे शनिवार को हादसे के कारण हुए नुकसान का आकलन करने और पीड़ितों से मिलने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे थे।    

माले : मृतक भारतीयों के शव वापस लाने की प्रक्रिया प्रारंभ
मालदीव के अधिकारियों ने यहां अब तक की सबसे बड़ी आग की घटना में मारे गए सात भारतीय और दो बांग्लादेशी नागरिकों के शवों को उनके देश भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मालदीव पुलिस सेवा ने आग में मारे गए कुल 10 में से सात भारतीय नागरिकों की पुष्टि की है। हालांकि, मलबे से मिले एक शव की अब तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। इस आग में तीन भारतीय महिलाएं और चार भारतीय पुरुष मारे गए। बांग्लादेश के एक पुरुष और एक महिला की भी मौत हुई है। पहले, यह माना जाता था कि नौ भारतीय और एक बांग्लादेशी मारे गए थे।  
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गौरतलब है कि माले में मावेयो मस्जिद के पास स्थित एम निरुफेही में गुरुवार को एक कार रिपेयरिंग गैरेज में आग लग गई थी। ये गैरेज भूतल पर स्थित था। वहीं, इस इमारत की पहली मंजिल में बांग्लादेश, भारत और श्रीलंका के प्रवासी श्रमिक रहते थे।
 
मालदीव में ज्यादातर लोग प्रवासी
हादसे के बाद मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल आग एवं बचाव सेवा ने बताया कि इमारत से 28 लोगों को निकाला गया है। इस घटना में मौके पर ही सात लोग मृत मिले थे, जबकि गंभीर रूप से झुलस गए दो लोगों को इंदिरा गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया था। आग पर सुबह 4:34 बजे काबू पाया जा सका। बता दें, माले की आबादी 2.50 लाख है, जिसमें से आधे बांग्लादेश, भारत, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका से आए लोग हैं।

विदेशी कामगारों का मामला चर्चा में
मालदीव में बुरी परिस्थितियों में रह रहे विदेशी कामगारों का मामला इस घटना के बाद फिर से चर्चा में आया है। मालदीव के सियासी दलों ने कहा है कि विदेशी कामगारों को दयनीय हालात में रहना पड़ता है। इन कामगारों के हालात का मामला कोरोनाकाल में सबसे पहले सामने आया, जब स्थानीय लोगों की तुलना में विदेशी कामगारों में तीन गुना ज्यादा संक्रमण के मामले देखने में आए।

एक और भारतीय की मौत, अब तक आठ भारतीयों की जान गई
गैरेज में आग लगने से मारे गए भारतीयों की संख्या रविवार को आठ हो गई है। यहां एकमात्र अज्ञात शव की पहचान एक भारतीय व्यक्ति के रूप में हुई है। पुलिस ने कहा कि मावेयो मस्जिद के पास एम निरुफेही में एक कार मरम्मत गैरेज में लगी आग में 10 मृतकों में से अंतिम शव की पहचान की गई और यह एक भारतीय व्यक्ति था।

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