अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पत्नी ब्रिगिट मैक्रों को लेकर एक बेहद निजी और मजाकिया टिप्पणी की थी। इस पर मैक्रों ने पलटवार करते हुए इसे गरिमाहीन-स्तरहीन बयान बताया है। इसके साथ ही दोनों नेताओं के बीच ईरान संकट और नाटो की भूमिका को लेकर भी भारी कूटनीतिक तनाव देखने को मिल रहा है।
अमेरिका और फ्रांस के बीच चल रही जुबानी जंग अब बेहद तीखी हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से उनकी पत्नी को लेकर की गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पलटवार किया है। मैक्रों ने कहा है कि ट्रंप की यह टिप्पणी न तो शालीन है और न ही किसी देश के प्रमुख के स्तर की है।
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क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिगिट मैक्रों को लेकर कुछ निजी टिप्पणियां कर दीं। ट्रंप ने कथित तौर पर पिछले साल वियतनाम में हुई एक घटना का मजाक उड़ाया, जिसका एक वीडियो काफी वायरल हुआ था। ट्रंप ने कहा कि मैक्रों अपनी पत्नी से 'पिटने' के बाद अभी तक उबर रहे हैं, उनकी पत्नी उनके साथ बहुत बुरा बर्ताव करती हैं।
मैक्रों ने दिया कड़ा जवाब
दक्षिण कोरिया के दौरे पर गए इमैनुएल मैक्रों से जब पत्रकारों ने ट्रंप के इस बयान पर सवाल पूछा, तो उन्होंने जवाब दिया। मैक्रों ने कहा कि यह टिप्पणी न तो शालीन है और न ही उस स्तर की है जिसकी उम्मीद किसी राष्ट्राध्यक्ष से की जाती है।
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मैक्रों ने तंज कसते हुए कहा कि हमें गंभीर होना चाहिए। यह नहीं होना चाहिए कि हम आज कुछ कहें और अगले ही दिन उसके उलट बात करने लगें। दुनिया में जब इतने गंभीर संकट चल रहे हों, तब ऐसे बचकाने बयानों की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
ईरान संकट और नाटो पर भी तकरार
यह तकरार सिर्फ व्यक्तिगत बयानों तक ही सीमित नहीं है। इसके पीछे असल वजह पश्चिम एशिया में ईरान के साथ चल रहा तनाव है। ट्रंप ने नाटो देशों पर निशाना साधते हुए उन्हें 'कागजी शेर' बताया था। इस पर मैक्रों ने कहा कि फ्रांस पश्चिम एशिया में शांति चाहता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के तनावपूर्ण समय में सहयोगियों की प्रतिबद्धता पर सार्वजनिक रूप से संदेह पैदा करना खतरनाक है और इससे गठबंधन कमजोर होते हैं।