एक तस्वीर इस समय सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। यह तस्वीर लंदन में हुए प्रदर्शन की है, जहां एक अश्वेत व्यक्ति एक घायल श्वेत शख्स को अपने कंधों पर उठाकर सुरक्षित जगह की ओर ले जा रहा है। इस तस्वीर को अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी 'रॉयटर्स' के पत्रकार डायलन मार्टिनेज ने अपने कैमरे में कैद किया है।
असल में यह पूरा वाक्या तब शुरू हुआ, जब अचानक से एक आवाज डायलन के कानों में पड़ी। वो पीछे पलट कर देखते हैं, जहां एक आदमी भीड़ में कह रहा है, "ये वो काम नहीं है जो हम करते हैं।" डायलन के मुताबिक एक अश्वेत आदमी अपने कंधे पर घायल श्वेत व्यक्ति को लिए तेजी से सुरक्षित जगह की तरफ बढ़ा चला जाता है।
दरअसल, शनिवार को लंदन में नस्लवाद विरोधी प्रदर्शनों के दौरान दो गुटों में झड़प हो गई थी। यहां नस्लवाद विरोधी और दक्षिणपंथी प्रदर्शनकारी आपस में भिड़ गए थे। इस हिंसक झड़प में एक श्वेत व्यक्ति घायल हो गया, जिसके बाद उसे अश्वेत प्रदर्शनकारी फायरमैन स्टाइल में अपने कंधों पर उठाकर ले जाता दिखाई दिया। यह तस्वीर लंदन समेत कई जगहों पर तेजी से वायरल हुई। इसके अलावा लंदन के ज्यादातर मीडिया संस्थानों ने इस तस्वीर को अपने बुलेटिन में दिखाया।
मार्टिनेज इस प्रदर्शन को कवर कर रहे थे। वे सेंट्रल लंदन में वाटरलू ब्रिज के पास हुई इस घटना को याद करते हुए कहते हैं, "मैंने एक झड़प और किसी को जमीन पर गिरते हुए देखा, दो आदमी भीड़ के बीचों-बीच से निकलते हुए दिखाई देते हैं।"
वो बताते हैं, “भीड़ ठीक मेरे सामने से निकल रही थी। मैं सही समय पर सही जगह पर था, और उस दृष्टिकोण से अविश्वसनीय रूप से भाग्यशाली था। वह मेरी ओर तेजी से चलते हुए आया। ”
मार्टिनेज ने बताया कि जिस व्यक्ति को ले जाया जा रहा था, उसके चेहरे पर चोटें थीं। घटनास्थल पर मौजूद रॉयटर्स के पत्रकार ने कहा कि उसे नस्लवाद विरोधी प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प में पीटा गया था। इस दौरान कुछ लोग चिल्ला रहे थे कि हमला करने वाला पीड़ित दक्षिणपंथी ग्रुप का सदस्य था। हालांकि, इस दौरान वहां मौजूद पत्रकार पीड़ित व्यक्ति या उसके राजनीतिक झुकाव की पहचान नहीं कर सके।