पाकिस्तान की एक अदालत ने अमेरिकी ब्लॉगर सिंथिया डी रिची के खिलाफ शीर्ष जांच एजेंसी को मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान में रह रही अमेरिकी ब्लॉगर पर पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत बेनजीर भुट्टो की छवि को खराब करने का आरोप है।
खबर के मुताबिक पुलिस ने पिछले सप्ताह रिची के खिलाफ मामला दर्ज करने इनकार दिया था। उसने इसे साइबर अपराध का मामला बताया था और कहा था कि इसकी जांच एफआईए ही कर सकती है, उसके पाास ही इसके अधिकार हैं।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जहांगीर अवान ने एफआईए को अमेरिकी ब्लॉगर रिची के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया। एफआईए से कहा गया कि वह कानून के अनुसार आगे बढ़े, जांच करे और पर्याप्त सबूत होने पर एफआईआर दर्ज करे।
याचिकाकर्ता वकास अहमद अब्बासी ने पिछले हफ्ते रिची के खिलाफ लिखित आवेदन देकर कर आरोप लगाया था। उन्होंने आवेदन में लिखा था कि रिची सोशल मीडिया पर पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत बेनजीर भुट्टो की छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं। इसके बाद पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के इस्लामाबाद के अध्यक्ष शकील अब्बासी ने एफआईए से रिची के खिलाफ शिकायत को लेकर संपर्क किया। उन्होंने भी अमेरिकी ब्लॉगर पर भुट्टो की छवि के खिलाफ ट्वीट करने का आरोप लगाया।
पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से आ रही खबरों के मुताबित रिची ने आरोप लगाया कि बेनजीर ने पाकिस्तान में दुष्कर्म की संस्कृति को अनुमति दी। अदालत में दी गई अपनी लिखित प्रतिक्रिया में एफआईए ने दलील दी कि उसके नियमों के मुताबिक सिर्फ पीड़ित पक्ष के अभिभावक ही एजेंसी के समक्ष ऐसी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
खबर में कहा गया कि दूसरी तरफ याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि जिस तरह के ट्वीट किए गए उससे पीपीपी पीड़ित पक्ष है। इस पर अदालत ने कहा कि दिवंगत बेनजीर भुट्टो के वारिस शिकायत क्यों नहीं दर्ज करा रहे।
रिची ने पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी और पूर्व गृह मंत्री रहमान मलिक समेत पीपीपी के वरिष्ठ नेताओं पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। सिंथिया वर्तमान में प्रधानमंत्री इमरान खान की सोशल मीडिया टीम में हैं। सिंथिया ने ट्वीट किया था कि 2011 में उनके साथ पूर्व गृह मंत्री रहमान मलिक ने रेप किया था।