फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Julian Assange: लंदन हाईकोर्ट ने पलटा निचली अदालत का फैसला, असांजे के अमेरिका प्रत्यर्पण का रास्ता साफ

Fri, 10 Dec 2021 07:00 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

लंदन की एक अदालत ने शुक्रवार को निचली अदालत के फैसले को बदलते हुए विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे के अमेरिका प्रत्यर्पण का रास्ता साफ कर दिया।
विज्ञापन
जूलियन असांजे - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे के प्रत्यर्पण को लेकर लंदन में हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बदलते हुए शुक्रवार को अपने आदेश में कहा कि असांजे को ब्रिटेन से अमेरिका प्रत्यर्पित किया जा सकता है। इससे पहले निचली अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि असांजे के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंताओं की वजह से उन्हें अमेरिका प्रत्यर्पित नहीं किया जा सकता। 

विज्ञापन


ऑस्ट्रेलिया के नागरिक 50 वर्षीय जूलियन असांजे साल 2010 और 2011 में हजारों खुफिया सैन्य और राजनयिक दस्तावेजों को प्रकाशन को लेकर अमेरिका में वांछित हैं। हाईकोर्ट के इस फैसले का मतलब है कि अमेरिकी अधिकारियों ने ब्रिटेन की अदालत के जनवरी के फैसले के खिलाफ अपनी अपील जीत ली है। इसके साथ ही असांजे के अमेरिका प्रत्यर्पण का भी रास्ता साफ हो गया है।

जनवरी में निचली अदालत ने दिया था ये फैसला
असांजे के प्रत्यर्पण को लेकर जनवरी में जिला जज वेनेसा बैरेट्सर ने कहा था कि अगर असांजे को अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया तो वह आत्महत्या का कदम उठा सकता है जहां वह जासूसी के 17 आरोपों और विकीलीक्स द्वारा कई खुफिया व अहम दस्तावेजों के प्रकाशन को लेकर कंप्यूटर दुष्प्रयोग के एक आरोप में वांछित हैं। इन आरोपों में अधिकतम 175 साल कैद की सजा हो सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें