फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लंदन हमलावर का पाकिस्तानी कनेक्शन, पीओके से कश्मीर पर करना चाहता था हमला

Sun, 01 Dec 2019 09:26 AM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
विज्ञापन
लंदन हमलावर कश्मीर पर हमला करना चाहता था। (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
विज्ञापन

ब्रिटेन के मशहूर लंदन ब्रिज के पास हुई चाकूबाजी की घटना में दो लोगों की हत्या हो गई है। घटना को अंजाम देने वाले आरोपी की पहचान 28 साल के उस्मान खान के तौर पर हुई है। वह ब्रिटेन में जन्मा एक आतंकवादी था जिसे 2012 में लंदन स्टॉक एक्सचेंज को बम से उड़ाने की योजना बनाने के आरोप में जेल की सजा सुनाई गई थी। इतना ही नहीं वह कश्मीर पर हमला करने के लिए पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में अपने परिवार के स्वामित्व वाली जमीन पर आतंकी शिविर बनाने की योजना बना रहा था।

विज्ञापन


हालांकि खान को दिसंबर 2018 में छह लोगों के साथ जेल से रिहा कर दिया गया था। उसकी गतिविधियां निगरानी के अधीन थीं। भारतीय मूल के ब्रिटेन के आतंकवाद निरोधी दस्ते के पुलिस अधिकारी ने एक बयान में कहा, 'हमलावर के बारे में अधिकारियों को पता था। उसे 2012 में आंतकवादी क्रियाओं में दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई थी।' खान ने बिना किसी प्रमाण के ब्रिटेन में स्कूल छोड़ दिया। माना जाता है कि उसने पाकिस्तान में अपनी किशोरावस्था का एक हिस्सा बिताया है। जहां वह अपनी बीमार मां के साथ रहता था।

ब्रिटेन वापस आने पर उसने इंटरनेट पर कट्टरपंथी इस्लाम को पढ़ाना शुरू कर दिया। जिसके कारण बहुत से लोग उसे फॉलो करने लगे। 19 साल की उम्र में वह अल-मुजाहिरॉन की स्थानीय शाखा स्टोक ऑन ट्रेंट में शामिल हो गया था। वह इस आतंकवादी समूह में शामिल होने वाले सबसे युवा लड़का था जो सलाफाई संगठन का एक हिस्सा है। जिसमें कट्टरपंथी उपदेशक अंजेम चौधरी एक उच्च पद पर है। वहीं आईएस ने भी खान को अपना लड़का बताया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

पीओके में बनाना चाहता था आतंकी शिविर

इस आतंकी समूह की योजना पीओके में एक मदरसे के तौर पर आतंकी शिविर बनाने की थी। जहां वह कश्मीर में हमला करने के लिए हथियारों का प्रशिक्षण देते और 26/11 की तरह ब्रिटेन की संसद पर हमला करते। ब्रिटिश जांच एजेंसियों द्वारा 2012 में गिरफ्तार किए जाने से पहले उस्मान पीओके भागने की तैयारी में था। पुलिस ने खान का एक संदेश रिकॉर्ड किया था जिसमें उसने कहा था, 'या तो हमारी जीत होगी, या शहादत और या फिर जेल मिलेगी।' वह दो षड्यंत्रकर्ताओं के साथ केंद्रीय लंदन में रेकी करते हुए पकड़ा गया था जब वह ब्रिटिश संसद पर 26/11 की तरह हमला करने के बारे में बात कर रहे थे।

आईएस ने ली हमले की जिम्मेदारी

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने लंदन में शुक्रवार को हुई चाकूबाजी की घटना की शनिवार को जिम्मेदारी ली। आईएस ने अपने खिलाफ कई देशों के समूह का जिक्र करते हुए कहा, 'लंदन हमला करने वाला व्यक्ति इस्लामिक स्टेट का लड़ाका था और उसने गठबंधन देशों के नागरिकों को निशाना बनाने के आह्वान के जवाब में ऐसा किया।

प्रधानमंत्री बोरिस कर रहे हैं समीक्षा

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने बताया कि आतंक से जुड़े मामलों के 74 दोषी फिलहाल जेल से बाहर हैं। उके मुताबिक सरकार सभी की रिहाई की समीक्षा कर रही है। जॉनसन के अनुसार लंदन में हुई चाकूबाजी की घटना को रोका जा सकता था यदि आतंकी को पहले न छोड़ा जाता। जानकारी मिली है कि 2012 में खान के साथ जिन आठ आतंकियों को लंदन स्टॉक एक्सचेंज को उड़ाने की साजिश रचने का दोषी पाया गया था उनमें से छह को सरकार ने रिहा कर दिया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें