मार्को रूबियो, बेंजामिन नेतन्याहू
- फोटो : एक्स/बेंजामिन नेतन्याहू
वार्ता के बाद क्या बोले दोनों नेता?
रूबियो इसलिए इस्राइल पहुंचे थे, ताकि वह नेतन्याहू से यह जान सकें कि गाजा में इस्राइल का अगला कदम क्या होगा। अमेरिकी विदेश मंत्री यह समझना चाहते थे कि क्या कतर अब भी मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है या नहीं। इस्राइल ने हाल में कतर की राजधानी दोहा में हमास के नेताओं को निशाना बनाया है। बातचीत के बाद दोनों नेताओं ने कहा कि गाजा में शांति का एक ही रास्ता है- हमास का पूरी तरह से सफाया हो और सभी बंधकों की वापसी हो, चाहे वे जीवित हों या मृत। अमेरिकी विदेश मंत्री ने हमास को लेकर कहा, जब तक वह जिंदा है, इस क्षेत्र में शांति नहीं आ सकती। हमास शांति का नहीं, बल्कि क्रूरता का प्रतिनिधि है।
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इस्राइली हमलों में कई ऊंची इमारतें नष्ट, 12 की मौत
इसी बीच सोमवार को इस्राइल ने गाजा सिटी में तेज हमले किए। इस्राइल इसे हमास का आखिरी गढ़ मानता है। एक और ऊंची इमारत को खाली करने का आदेश दिया गया। बीते कुछ दिनों में इस्राइली सेना ने कई ऊंची इमारतों को नष्ट कर दिया है और लगाया है कि हमास ने उनमें निगरानी करने वाले उपकरण लगाए थे। रातभर हुए हवाई हमलों में 12 फलस्तीनी मारे गए। इनमें बच्चे भी शामिल हैं। शिफा अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि शव वहीं लाए गए हैं।
बेंजामिन नेतन्याहू, मार्को रूबियो
- फोटो : एक्स/बेंजामिन नेतन्याहू
ट्रंप की नाराजगी के बीच रूबियो का इस्राइल दौरा
रूबियो का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोहा पर इस्राइली हमलों को लेकर नाराज हैं। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका को इस हमले की पहले से जानकारी नहीं थी। हमले में छह लोग मारे गए थे और माना जा रहा है कि इससे इस्राइल-हमास युद्धविराम और बंधकों की रिहाई की संभावना खत्म हो गई है।
डोनाल्ड ट्रंप और बेंजमिन नेतन्याहू
- फोटो : एएनआई (फाइल)
आतंकवाद के खिलाफ हमारे साथ अमेरिका नेतन्याहू
ट्रंप ने भले ही कहा कि वह दोहा पर इस्राइल के हमले से बहुत खुश नहीं हैं, लेकिन रूबियो और नेतन्याहू की मुलाकात के बाद ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि अमेरिका और इस्राइल के बीच कोई बड़ा मतभेद है। नेतन्याहू ने कहा, आज आपका यहां मौजूद होना इस बात का साफ संदेश है कि अमेरिका इस्राइल के साथ खड़ा है। आप आतंक के खिलाफ हमारे साथ हैं।
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बेंजामिन नेतन्याहू, मार्को रूबियो
- फोटो : एक्स/मार्को रूबियो
कतर पर इस्राइली हमले को लेकर रूबियो ने क्या कहा?
जब एक पत्रकार ने रूबियो से पूछा कि अमेरिका दोहा पर इस्राइली हमले को कैसे देखता है, तो उन्होंने सीधे जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस बात पर ध्यान दे रहा है कि आगे क्या होगा और वह कतर को बातचीत की प्रक्रिया में शामिल रखने की कोशिश करता रहेगा। रूबियो ने गाजा सिटी में इस्राइल की हालिया सैन्य कार्रवाइयों पर अमेरिकी चिंता को कम करके बताया और बार-बार कहा कि ट्रंप इस संघर्ष को खत्म करना चाहते हैं और उसके लिए हमास का खात्मा जरूरी है। वहीं नेतन्याहू ने भी कोई संकेत नहीं दिया कि इस्राइल गाजा सिटी में ऊंची इमारतों या अन्य ठिकानों पर हमले रोकने वाला है। उन्होंने कहा कि वहां हमास के लड़ाके छिपे हुए हैं।
संयुक्त राष्ट्र का ध्वज
- फोटो : एएनआई (फाइल)
फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता देने पर चिंता
रूबियो की यरुशलम यात्रा का एक और मकसद यह भी था कि वह इस्राइल के समर्थन में खड़े दिखें, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में कई यूरोपीय देश और कनाडा फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता देने की बात कर रहे हैं। अमेरिका और इस्राइल इसका कड़ा विरोध करते हैं। रूबियो ने कहा कि यह मान्यता शांति की कोशिशों पर विपरीत असर डाल सकती है और ऐसी घोषणाएं केवल दिखावे के लिए की जा रही हैं। उन्होंने कहा, इससे फलस्तीनी राष्ट्र बनने में कोई मदद नहीं मिलेगी। इसका असली असर यह होता है कि हमास को और हिम्मत मिलती है। यह वास्तव में शांति की राह में बाधा बनता है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू भी फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता देने का सख्त विरोध करते हैं।
गाजा में तबाही का मंजर।
- फोटो : यूनिसेफ
गाजा सिटी में इस्राइल के हमले जारी
गाजा सिटी में रातभर हुए एक हमले में एक तंबू पर भी हमला हुआ, जिसमें एक ही परिवार के सात लोग मारे गए। अस्पताल के कर्मचारियों ने यह जानकारी दी। एक और हमले में दो पड़ोसी घरों को निशाना बनाया गया। गाजा सिटी के निवासी मोहम्मद साबरे ने कहा, यह एक और खौफनाक रात थी... हालात बहुत खराब हैं और हर दिन और बिगड़ रहे हैं। इस्राइल लगातार गाजा सिटी के लोगों से कह रहा है कि वे दक्षिण की ओर चले जाएं। लेकिन जिस जगह को इस्राइल ने 'मानवीय क्षेत्र' घोषित किया है, वहां बहुत कम जगह है और कई परिवारों के पास वहां जाने के पैसे भी नहीं हैं। इसके बावजूद कई लोग वहां जा रहे हैं। सोमवार को तस्वीरों में देखा गया कि बड़ी संख्या में लोग समुद्र किनारे वाली सड़क से पैदल या गाड़ियों में निकल रहे हैं, जिसे इस्राइल ने 'सुरक्षित मार्ग' बताया है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : एएनआई
सात अक्तूबर 2023 को हमास ने इस्राइल पर किया था हमला
गाजा में यह युद्ध तब शुरू हुआ जब सात अक्तूबर 2023 को हमास के लड़ाकों ने दक्षिणी इस्राइल में हमला किया था। इस हमले में करीब 1,200 लोग मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। अब भी गाजा में 48 इस्राइली बंधक मौजूद हैं। इस्राइल को लगता है कि इसमें से केवल 20 ही जीवित हैं। इस्राइल के जवाबी हमलों में अब तक 64,871 फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। यह आंकड़ा गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय का है। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह नहीं बताया है कि इनमें से कितने हमास के लिए लड़ाके हैं और कितने नागरिक हैं।