अमेरिका में यौन शोषण के 2,500 मामले 1 साल में सामने लाने वाला न्यूयॉर्क राज्य का 'अडल्ट सर्वाइवर एक्ट' 24 नवंबर को खत्म हो जाएगा। इस विशेष कानून से यौन शोषण के कई हाई-प्रोफाइल मामले भी सामने आए हैं। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से लेकर अभिनेता रसेल ब्रैंड और हिप-हॉप रैपर शॉप डिडी तक दोषी करार दिए गए। इन पर जुर्माने लगे या पीड़ितों से अदालत के बाहर समझौते हुए।
इन 2,587 मामलों में न्यूयॉर्क, न्यूयॉर्क सिटी, स्थानीय निकाय, कंपनियों से लेकर अस्पतालों और राज्य व जिला जेल प्रशासन तक को प्रतिवादी बनाया गया। आरोप लगे कि जहां अपराधियों ने पीड़ितों का शोषण किया, यह संस्थाएं उन्हें रोकने में विफल रहीं। न्यूयॉर्क की जिला जेल में कई बार दुष्कर्म की शिकार हुई एलेक्जेंड्रा जॉनसन के शब्दों में 'मुझे लगता था मैं आखिर कौन हूं? मेरी आवाज क्या मायने रखती है?' लेकिन 24 नवंबर 2022 को अस्तित्व में आए नए कानून ने उन्हें मौका दिया। वे बताती हैं कि उनकी जैसी कई कहानियां हैं, बहुत सारी पीड़ित हैं।
50 साल पुराने मामले भी खुले...हाई प्रोफाइल मुकदमे
डोनाल्ड ट्रंप : पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ लेखिका ई जीन कैरल ने 1996 में यौन शोषण का मुकदमा दर्ज करवाया। मई में ट्रंप को दोषी पाया गया और 50 लाख डॉलर जुर्माना लगा। ट्रंप ने आरोप से इनकार किया।
हार्वे विंस्टीन : अक्तूबर में अभिनेत्री जूलिया ओरमंड ने फिल्म निर्माता हार्वे विंस्टीन पर 1995 में यौन शोषण करने और फिर कॅरिअर में बाधा डालने का आरोप लगाया। हार्वे ने आरोप नकारे। वे इससे पहले न्यूयॉर्क व कैलिफोर्निया में भी दुष्कर्म के दोषी करार दिए गए थे।
जेल...सबसे ज्यादा यौन शोषण के मुकदमे यहीं से आए
राज्य सरकार के खिलाफ दायर कई मुकदमे जेलों में हुए यौन शोषण के हैं। वकील एडम स्लेटर की फर्म जेलों में हुए 1,200 से ज्यादा यौन शोषण के मुकदमे दायर कर चुकी है। वे बताते हैं कि 470 मामले सिर्फ न्यूयॉर्क सिटी की रिकर्स आईलैड परिसर जेल के हैं। वकील एना कुल ऐसे और 600 मुकदमे दर्ज होने का अनुमान लगा रही हैं। बताती हैं कि पुरुष अधिकारियों द्वारा महिला कैदियों से दुष्कर्म किए गए।
पुरुषों से भी यौन शोषण, मांगा न्याय
बड़ी संख्या में पुरुष भी यौन शोषण के शिकार हुए। 100 से अधिक ने न्यूयॉर्क के यूरोलॉजिस्ट डॉ. डेरियल पदुच पर शोषण के मुकदमे किए हैं। इनमें शामिल जेम्स ओ'कॉनल ने उनके अस्पताल को भी पक्षकार बनाया। उन्होंने कहा कि वे कड़ी कार्रवाई चाहते हैं ताकि भविष्य में उनके बच्चे, भतीजे आदि ऐसे अपराधों के शिकार न हों।