पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव मामले में भारत को यूएन जाने से रोकने के लिए जाधव को पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का मौका दिया है। इमरान खान सरकार के इस पैंतरे का खुलासा खुद उनके कानून मंत्री फारोग नसीम ने किया।
जाधव को मौका देने के लिए संसद में अध्यादेश पेश करने पर सरकार के चौतरफा घिरने पर कानून मंत्री ने शुक्रवार को कहा, यह अध्यादेश अंतरराष्ट्रीय अदालत के आदेश का पालन कराने के लिए है। अगर हम जाधव को पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का मौका देते हैं तो भारत इस मामले को संयुक्त राष्ट्र में नहीं उठा पाएगा।
उन्होंने कहा, वैसे भी अध्यादेश लाने से जाधव की सजा माफ नहीं हो रही है। इससे बस भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जाने से रोका है, क्योंकि भारत चाहता है कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय अदालत का आदेश न माने और वह इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र में ले जाए।
भारत ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। दरअसल, नसीम ने यह बयान विपक्ष को मनाने के लिए दिया है। बृहस्पतिवार को विपक्ष ने अध्यादेश का विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट किया था।