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Exclusive: आतंकी हाफिज सईद के वो दो संगठन जो पाकिस्तान में तो प्रतिबंधित हैं पर भारत में नहीं

Shilpa Thakur
Updated Fri, 03 May 2019 05:02 PM IST
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हाफिज सईद - फोटो : File Photo

लश्कर-ए-तैयबा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा इस्लामी आतंकी संगठन है। हालांकि लश्कर-ए-तैयबा का मतलब है पवित्रों की सेना, लेकिन इसका काम है केवल और केवल आतंक फैलाना। इसकी स्थापना अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में हाफिज सईद ने की थी।

वर्तमान में हाफिज पाकिस्तान के लाहौर के पास मरीदके और पाक अधिकृत कश्मीर में बहुत से आतंकी प्रशिक्षण शिविर चला रहा है। भारत के विरुद्ध भी इस संगठन ने कई हमले किए हैं। शुरू में इस संगठन का उद्देश्य अफगानिस्तान से सोवियत सैनिकों को बाहर निकालना था लेकिन अब इस संगठन का उद्देश्य कश्मीर को भारत से अलग करना है।

इंजीनियरिंग का प्रोफेसर हाफिज

ये जानकर हैरानी होगी की आतंकवादी हाफिज सईद पढ़ा लिखा है और लाहौर विश्विविद्यालय में इंजीनियरिंग का प्रोफेसर रह चुका है। उसने 1987 में इस संगठन की स्थापना की थी। ये संगठन खुद को वहाबी इस्लाम के आदर्श का अनुयायी मानता है।

समूचे दक्षिण एशिया को कट्टरपंथी बनाने का उद्देश्य

यह संगठन समूचे दक्षिण एशिया को कट्टरपंथी बनाने में यकीन रखता है। सऊदी अरब की मदद से चलने वाले इस संगठन ने साल 2000-2001 में भारत में कई आतंकी हमले किए हैं। इस संगठन को सितंबर 2001 में अमेरिका पर हुए हमले के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने प्रतिबंधित कर दिया था। वहीं इसके नेताओं की गतिविधियों को भी सीमित कर दिया गया था। साल 2005 में कश्मीर में भूकंप आने के बाद दान मांगने के नाम पर इस संगठन को फिर से सक्रिय होने का मौका मिल गया। 

नए नाम से हुआ सक्रिय

पहले तो ये संगठन अपने किए सभी हमलों की जिम्मेदारी लेता था लेकिन बाद में इसने हमलों की जिम्मेदारी लेना भी बंद कर दिया। ये संगठन बाद में जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन नाम से सक्रिय हो गया। जिससे यह धन जुटाता था। 



इसका मकसद धन जुटाना, नेटवर्क/स्लीपर सेल बनाना और युवाओं को आतंकवाद में शामिल होने के लिए प्रेरित करना था। हालांकि पांच मार्च, 2019 को इन दोनों संगठनों पर भी पाकिस्तान ने प्रतिबंध लगा दिया है। एनआई की वेबसाइट से इस बात की जानकारी मिलती है कि भारत में लश्कर-ए-तैयबा तो प्रतिबंधित है लेकिन ये दोनों संगठन भारत में प्रतिबंधित नहीं हैं।

ये सूची आप यहां देख सकते हैं- ये दोनों संगठन भारत में प्रतिबंधित नहीं हैं

लाल किले पर हमला

साल 2002 में इस संगठन के उग्रवादियों ने दिल्ली के लाल किले पर हमला कर दिया था। इसके बाद 2001 में श्रीनगर हवाई अड्डे पर आतंकवादी हमले और अप्रैल 2001 में सीमा सुरक्षाबल के जवानों की हत्या के पीछे भी यही संगठन जिम्मेदार था।

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हाफिज सईद - फोटो : File Photo
लश्कर-ए-तैयबा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा इस्लामी आतंकी संगठन है। हालांकि लश्कर-ए-तैयबा का मतलब है पवित्रों की सेना, लेकिन इसका काम है केवल और केवल आतंक फैलाना। इसकी स्थापना अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में हाफिज सईद ने की थी।

वर्तमान में हाफिज पाकिस्तान के लाहौर के पास मरीदके और पाक अधिकृत कश्मीर में बहुत से आतंकी प्रशिक्षण शिविर चला रहा है। भारत के विरुद्ध भी इस संगठन ने कई हमले किए हैं। शुरू में इस संगठन का उद्देश्य अफगानिस्तान से सोवियत सैनिकों को बाहर निकालना था लेकिन अब इस संगठन का उद्देश्य कश्मीर को भारत से अलग करना है।

इंजीनियरिंग का प्रोफेसर हाफिज

ये जानकर हैरानी होगी की आतंकवादी हाफिज सईद पढ़ा लिखा है और लाहौर विश्विविद्यालय में इंजीनियरिंग का प्रोफेसर रह चुका है। उसने 1987 में इस संगठन की स्थापना की थी। ये संगठन खुद को वहाबी इस्लाम के आदर्श का अनुयायी मानता है।

समूचे दक्षिण एशिया को कट्टरपंथी बनाने का उद्देश्य

यह संगठन समूचे दक्षिण एशिया को कट्टरपंथी बनाने में यकीन रखता है। सऊदी अरब की मदद से चलने वाले इस संगठन ने साल 2000-2001 में भारत में कई आतंकी हमले किए हैं। इस संगठन को सितंबर 2001 में अमेरिका पर हुए हमले के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने प्रतिबंधित कर दिया था। वहीं इसके नेताओं की गतिविधियों को भी सीमित कर दिया गया था। साल 2005 में कश्मीर में भूकंप आने के बाद दान मांगने के नाम पर इस संगठन को फिर से सक्रिय होने का मौका मिल गया। 

नए नाम से हुआ सक्रिय

पहले तो ये संगठन अपने किए सभी हमलों की जिम्मेदारी लेता था लेकिन बाद में इसने हमलों की जिम्मेदारी लेना भी बंद कर दिया। ये संगठन बाद में जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन नाम से सक्रिय हो गया। जिससे यह धन जुटाता था। 

इसका मकसद धन जुटाना, नेटवर्क/स्लीपर सेल बनाना और युवाओं को आतंकवाद में शामिल होने के लिए प्रेरित करना था। हालांकि पांच मार्च, 2019 को इन दोनों संगठनों पर भी पाकिस्तान ने प्रतिबंध लगा दिया है। एनआई की वेबसाइट से इस बात की जानकारी मिलती है कि भारत में लश्कर-ए-तैयबा तो प्रतिबंधित है लेकिन ये दोनों संगठन भारत में प्रतिबंधित नहीं हैं।

ये सूची आप यहां देख सकते हैं- ये दोनों संगठन भारत में प्रतिबंधित नहीं हैं

लाल किले पर हमला

साल 2002 में इस संगठन के उग्रवादियों ने दिल्ली के लाल किले पर हमला कर दिया था। इसके बाद 2001 में श्रीनगर हवाई अड्डे पर आतंकवादी हमले और अप्रैल 2001 में सीमा सुरक्षाबल के जवानों की हत्या के पीछे भी यही संगठन जिम्मेदार था।

एनआईए के अनुसार भारत में प्रतिबंधित संगठनों की सूची

हाफिज सईद - फोटो : File Photo
  • बब्बर खालसा इंटरनेशनल
  • खालिस्तान कमांडो फोर्स
  • खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स
  • इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन
  • लश्कर-ए-तैयबा / पासबान-ए-अहले हदीस
  • जैश-ए-मोहम्मद / तहरीक-ए-फुरकान
  • हरकत-उल-मुजाहिदीन या हरकत-उल-अंसार या हरकत-उल-जेहाद-ए-इस्लामी या अंसार-उल-उम्मा
  • हिज्ब-उल-मुजाहिदीन / हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन पीर पंजाल रेजिमेंट
  • अल-उमर मुजाहिदीन
  • जम्मू और कश्मीर इस्लामिक फ्रंट
  • यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा)
  • असम में नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड
  • पीपुल्स लिबरेशन आर्मी
  • यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट
  • कंगालीपाक की जनता की क्रांतिकारी पार्टी
  • कंगलिपक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी)
  • कंगाली योल कान्बा लूप (केवाईकेएल)
  • मणिपुर पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट
  • ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स
  • नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा
  • लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम
  • स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी)
  • देवेन्द्र अंजुमन
  • भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी)
  • माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर
  • अल बदर
  • जमीयत उल मुजाहिदीन
  • अल-कायदा
  • दुख्तारन-ए-मिलत
  • तमिलनाडु लिबरेशन आर्मी
  • तमिल नेशनल रिट्रीवल ट्रूप्स
  • अखिल भारत नेपाली एकता समाज
  • भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)
  • इंडियन मुजाहिदीन
  • गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी
  • कामतापुर लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन
  • इस्लामिक स्टेट
  • इस्लामिक स्टेट ऑफ़ इराक एंड लेवेंट
  • इस्लामिक स्टेट ऑफ़ इराक एंड सीरिया
  • इस्लामिक स्टेट ऑफ़ इराक एंड द शाम-ख़ोरसान
  • नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (खापलांग)
  • खालिस्तान लिबरेशन फोर्स

(22-01-2019 तक अद्यत सूची)


मुंबई हमले में भी आया नाम

इस संगठन का नाम साल 2008 में हुए मुंबई हमले में भी आया था लेकिन बाद में इस संगठन ने इस आरोप को ये कहते हुए खारिज कर दिया कि वह कश्मीर के बाहर अपनी कार्रवाई नहीं करता। ये संगठन पाकिस्तानी सेना और सरकार पर भी कई हमले कर चुका है। 

इन संगठनों से होता था धन जुटाने का काम

यूएन के प्रतिबंधों से बचने के लिए हाफिज सईद ने जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन जैसे संगठन खड़े कर लिए थे। ये सभी सईद के फ्रंट एंड ऑर्गनाइजेशन माने जाते थे। इनके द्वारा हाफिज सईद आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाता रहा। फलाह-ए-इन्सानियत फाउंडेशन के माध्यम से वह धन जुटाने और दूसरे देशों में आतंकी नेटवर्क बढ़ाने का भी प्रयास करता था। इस संगठन द्वारा किए जाने वाले मानवीय और धार्मिक कार्य केवल लोगों के मन में भटकाव पैदा करने के लिए थे।

सईद पर दिसंबर 2008 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रतिबंध लगाया था। उसे नवंबर 2017 में पाकिस्तान में नजरबंदी से रिहा किया गया था। अमेरिका ने इसे जून 2014 में विदेशी आतंकवादी घोषित किया था।  माना जाता है कि जेयूडी लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा संगठन है। अमेरिका इसके प्रमुख सईद को भी वैश्विक आतंकवादी घोषित कर चुका है। 

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