Italy: किंग चार्ल्स तृतीय ने इटली की संसद को संबोधित करते हुए ब्रिटेन और इटली के बीच करीबी संबंधों की आवश्यकता पर जोर दिया, खासकर रूस-यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में। उन्होंने दोनों देशों की सशस्त्र सेनाओं के एकजुट होने और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे के बारे में भी बात की।
किंग चार्ल्स तृतीय ने बुधवार को इटली की संसद को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के समय साझा मूल्यों की रक्षा के लिए इटली और ब्रिटेन के बीच करीबी संबंधों की आवश्यकता पर जोर दिया। चार्ल्स इटली की संसद की संयुक्त बैठक में भाषण देने वाले ब्रिटेन के पहले राजा हैं। इसके अलावा, संयु्क्त बैठक को संबोधित करने वाले वह चौथे विदेशी नेता हैं। उन्होंने ब्रिटेन और इटली के बीच प्राचीन रोमन काल से चली आ रही साझा संस्कति और लंबे इतिहास पर प्रकाश डाला।
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चार्ल्स ने कहा, 'हमारे युवा पीढ़ी हर दिन अपने स्मार्टफोन और टैबलेट पर समाचार देखती है और समझती है कि शांति कभी भी स्थायी नहीं होती।' किंग चार्ल्स तृतीय का इटली दौरे का तीसरा दिन था, जिसे लंदन द्वारा अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ संबंधों को मजबूत करने के एक निरंतर प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
अपने भाषण में उन्होंने कहा, 'हम दोनों देशों ने यूक्रेन के संकट के समय उसका समर्थन किया और यूक्रेन से शरणार्थियों का स्वागत किया।' चार्ल्स ने चेतावनी दी कि यूरोप में युद्धों की जो तस्वीरें पहले दिखाई देती थीं, वे अब फिर से पूरे महाद्वीप में फैल रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इटली और ब्रिटेन की सशस्त्र सेनाएं नाटो गठबंधन के हिस्से के रूप में एक साथ खड़ी हैं। उन्होंने दोनों देशों की जापान के साथ मिलकर एक नया लड़ाकू विकसित करने की योजना का भी जिक्र किया। इटली यात्रा के दौरान किंग चार्ल्स तृतीय और क्वीन कैमिला ने अपनी 20वीं शादी की सालगिरह मनाई।
किंग चार्ल्स ने अपने भाषण में जलवायु परिवर्तन के खतरे के बारे में भी बात की और बताया कि 16 साल पहले इटली में दिए गए एक भाषण में उन्होंने जो चेतावनियां दी थीं, वह सही साबित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जो तूफान एक पीढ़ी में एक बार होते थे, वे अब हर साल हो रहे हैं और कई कीमती पौधों और जानवरों की प्रजातियां हमारी जिंदगी में विलुप्त हो सकती हैं।
चार्ल्स ने अपने भाषण के दौरान इतालवी भाषा के शब्दों का भी उपयोग किया, जिसका इटली के सांसदों ने स्वागत किया। किंग चार्ल्स का इस साल का यह पहला विदेश दौरा था, जिसके पहले उन्हें उनके कैंसर उपचार के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था।