अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बिडेन ने सांसद कमला हैरिस को उप-राष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है। इसके बाद हैरिस ने अपने चुनावी अभियान को तेज कर दिया है। उन्होंने कैलिफोर्निया के डेलवेयर में बुधवार को अपने पहले चुनावी भाषण में अपने माता-पिता, जैमेका और भारतीय आप्रवासियों और उनके जीवन में परिवार के महत्व पर चर्चा की।
हैरिस ने कहा, मैंने अपने करियर में कई खिताब जीते हैं और निश्चित रूप से उप-राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार होना महान है। लेकिन 'मोमाला' मेरे लिए हमेशा सबसे ज्यादा मायने रखता है। दरअसल, हैरिस ने 2015 में डगलस एलहॉफ से शादी की। डगलस के पहले से ही दो बच्चे हैं, जो हैरिस को 'मोमाला' के नाम से पुकारते हैं।
हैरिस ने अपने इस भाषण में अपने माता-पिता की मुलाकात का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 1960 के दशक में ओकलैंड में नागरिक अधिकारों के लिए विरोध प्रदर्शन के दौरान उनके माता-पिता की मुलाकात हुई थी। उन्होंने कहा कि यह एक सुंदर कहानी है कि कैसे एक भारतीय और जमैका आप्रवासी एक विरोध प्रदर्शन के दौरान मिले।
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उन्होंने कहा, मेरे माता और पिता दुनिया के दो अलग-अलग हिस्सों से अमेरिका आए थे। एक भारत से तो दूसरा जमैका से अमेरिका आया, ताकि उन्हें यहां विश्व स्तरीय शिक्षा मिल सके। लेकिन जो उन्हें साथ लाया वह 1960 के दशक का नागरिक अधिकार आंदोलन था।
इस भाषण में, हैरिस ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर कोरोना वायरस का उचित प्रबंधन नहीं करने का आरोप लगाया। हैरिस ने कहा, अमेरिका में कोरोना के 50 लाख से अधिक मामले हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक है और इसके पीछे की वजह ट्रंप द्वारा इसे शुरुआत में ठीक तरह से नहीं संभालना रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बारे में हैरिस ने कहा, उनके द्वारा कोरोना जांच को बढ़ाने से इनकार करना, सामाजिक दूरी और मास्क नहीं पहनने वाले नियमों की अवहेलना करना। उनका भ्रम कि वह विशेषज्ञों से बेहतर जानते हैं। यह सब एक कारण है, जिसकी वजह से हर 80 सेकंड में एक अमेरिकी की कोरोना से मौत हो रही है।
उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी को लेकर हैरिस ने कहा, वह इस जिम्मेदारी के मिलने से गोर्वान्वित हैं, और वह काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।