सार
अमेरिका में जेफ्री एपस्टीन की मौत से जुड़े मामले ने नया मोड़ ले लिया है। वेस्ट पाम बीच के जज रॉबिन रोसेनबर्ग ने ट्रंप प्रशासन की मांग खारिज कर दी, जिसमें फ्लोरिडा की पुरानी गोपनीय जांच रिपोर्ट्स सार्वजनिक करने की अपील की गई थी। यह अपील ट्रंप समर्थकों में फैल रही साजिश की बातों को शांत करने के लिए की गई थी।
अमेरिका में जेफ्री एपस्टीन की मौत के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। इसके तहत अमेरिका के एक जज ने बुधवार को ट्रंप प्रशासन की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें फ्लोरिडा में जेफ्री एपस्टीन के पुराने ग्रैंड जूरी (गोपनीय जांच) की रिपोर्ट्स सार्वजनिक करने की अपील की गई थी। मामले में सुनावाई के दौरान वेस्ट पाम बीच के यूएस डिस्ट्रिक्ट जज रॉबिन रोसेनबर्ग ने कहा कि इन दस्तावेजों को सार्वजनिक करने के लिए कोई असाधारण परिस्थिति नहीं है, जैसा कि अमेरिकी कानून में तय किया गया है।
बता दें कि हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग ने यह अनुरोध इसलिए किया था ताकि ट्रंप समर्थकों के बीच फैल रही उन साजिशों की बातों को रोका जा सके, जिनमें दावा किया जा रहा है कि एपस्टीन के ग्राहकों को बचाया गया, अपराधों की वीडियो छुपाई गईं और सबूतों को दबाया गया।
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एपस्टीन ने किया था वकीलों से समझौता
जानकारी के अनुसार 2008 में एपस्टीन ने फ्लोरिडा में सरकारी वकीलों से एक समझौता कर लिया था, जिससे उस पर गंभीर आरोप नहीं लगे और उसने नाबालिग से देह व्यापार और वेश्यावृत्ति के आरोपों में सजा पाई। इसके बाद 2019 में उसे दोबारा यौन तस्करी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। करीब एक महीने बाद वह न्यूयॉर्क की जेल में मृत पाया गया। जांच में उसकी मौत को आत्महत्या बताया गया। उसकी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल को भी गिरफ्तार किया गया।
अमेरिका भर में इस मामले की चर्चा होने का एक बड़ा कारण ये भी है कि एपस्टीन और मैक्सवेल के कई मशहूर लोगों से संबंध थे, जिनमें राजघरानों के सदस्य, राष्ट्रपतियों और अरबपतियों के नाम शामिल हैं। इस मामले को लेकर ट्रंप समर्थकों के बीच कई साजिश के सिद्धांत फैलते रहे हैं। न्यूयॉर्क में ऐसे ही एक और मामले में दस्तावेज़ सार्वजनिक करने की मांग लंबित है।
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कौन थे जेफरी एपस्टीन?
गौरतलब है कि जेफरी एपस्टीन एक अमीर फाइनेंसर थे, जिनपर कम उम्र की लड़कियों के यौन शोषण और तस्करी के गंभीर आरोप थे। वह 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में मृत पाए गए थे, जब उन पर मुकदमा चल रहा था। उनकी मौत को लेकर अब भी संदेह और साजिश की थ्योरी चलती रहती हैं।