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जॉर्डन: प्रिंस हमजा नजरबंद, किंग अब्दुल्ला ने क्यों उठाया यह कदम, जानिए शाही परिवार में अंतर्कलह का सबब

Sun, 04 Apr 2021 05:12 PM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अम्मान

सार

  • जॉर्डन में शाही परिवार में उठापटक व अंतर्कलह शुरू
  • किंग अब्दुल्ला के सौतेले भाई पूर्व प्रिंस हमजा पर सख्ती
  • शाही शासन ने हमजा की लोकप्रियता बढ़ती देख उठाया कदम
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पूर्व प्रिंस हमजा - फोटो : Social Media
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विस्तार
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पश्चिम एशिया के प्रमुख देश जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने अपने सौतेले भाई पूर्व प्रिंस हमजा को घर में नजरबंद करा दिया है। हमजा ने खुद एक वीडियो टेप जारी कर यह दावा किया। हालांकि जॉर्डन की सेना ने कहा है कि 41 वर्षीय हमजा को सिर्फ अपनी गतिविधियां सीमित करने को कहा गया, क्योंकि उनसे देश की सुरक्षा व स्थिरता पर असर पड़ रहा था।  मौजूदा किंग अब्दुल्ला द्वितीय को आशंका है कि हमजा उनका तख्तापलट कर सकते हैं। संभवत: इसी कारण यह कदम उठाया गया है। 

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पैगंबर मुहम्मद का वंशज मानता है परिवार
जॉर्डन के शासक अपने परिवार को पैगंबर मुहम्मद का वंशज मानते हैं। प्रिंस हमजा का जन्म 29 मार्च 1980 को हुआ था। वह मौजूदा किंग अबदुल्ला के सौतेले भाई हैं। हमजा के पिता किंग अल हुसैन बिन तलाल का 1999 में कैंसर से निधन होने के बाद 59 वर्षीय अब्दुल्ला को क्राउन व हमजा को क्राउन प्रिंस घोषित किया गया था। 

किंग हुसैन ने 50 साल शासन किया
दिवंगत किंग हुसैन ने देश पर करीब 50 साल शासन किया था। हुसैन अपनी चार पत्नियों से हुए 11 बच्चों में से हमजा को सबसे ज्यादा पसंद करते थे। किंग अब्दुल्ला ने पांच साल बाद ही सौतेले भाई हमजा को दी गई क्राउन प्रिंस की पदवी छीन ली और अपने खुद के 26 साल के बेटे अल हुसैन अब्दुल्ला द्वितीय को दे दी थी। 
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फोन व इंटरनेट संपर्क काटा
क्राउन प्रिंस हमजा ने कहा कि देश के सैन्य प्रमुख शनिवार तड़के उनके पास आए और बताया कि उन्हें बाहर जाने, लोगों से बातचीत करने या उनसे मुलाकात करने की इजाजत नहीं है। हमजा ने बताया कि उनका फोन और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। वह उपग्रह इंटरनेट से बात कर रहे हैं और उन्हें इस सेवा के भी बंद होने की आशंका है। 

आखिर क्यों किया गया नजरबंद
हमजा विनम्र व उदार धार्मिक वृत्ति के हैं। वह जॉर्डन की जनता के बीच काफी लोकप्रिय हैं। उनके पास अभी कोई पद नहीं है। हमजा ने वीडियो संदेश में कहा कि उन्हें उन बैठकों में शामिल होने की सजा दी गई, जिनमें किंग अब्दुल्ला की आलोचना की गई थी। 

हमजा ने लगाए शाही शासन पर भ्रष्टाचार के आरोप
बीबीसी को मुहैया कराए गए वीडियो में हमजा ने कहा है कि वह किसी षड्यंत्र में शामिल नहीं हैं। हालांकि उन्होंने मौजूदा शासन को भ्रष्ट करार दिया है। उन्होंने कहा कि शाही शासन ने देश की भलाई छोड़कर निजी हितों व आर्थिक हितों को सर्वोपरि मानना शुरू कर दिया है। हालांकि टेप में हमजा यह भी कह रहे हैं कि उनकी मौजूदा शासक अब्दुल्ला से कोई निजी शत्रुता नहीं है।

भ्रष्टाचार, गरीबी व बेरोजगारी बढ़ी, प्रदर्शन हुए
माना जा रहा है कि प्रिंस हमजा पिछले कई दिनों से जॉर्डन की शक्तिशाली जातियों के बीच अपनी पैठ मजबूत कर रहे हैं। इन लोगों ने बीते दिनों देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया था। कोविड-19 महामारी के कारण देश में बेरोजगारी व गरीबी बढ़ रही है। इन प्रदर्शनों से शाही परिवार घबरा गया है। उसने आंदोलनों को कुचलने के साथ ही दर्जनों लोगों को बंदी भी बनाया। आंदोलनों के पीछे हमजा की भूमिका मानी जा रही है। संभवत: इसी कारण उन्हें नजरबंद किया गया है। 

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