अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की टीम में भारतीय मूल के लोगों का बोलबाला
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व्हाइट हाउस में पहली बार ऐसे दो भारतीय-अमेरिकियों को स्थान दिया गया है, जो मूल रूप से कश्मीर से संबंध रखते हैं। इनमें आयशा शाह को व्हाइट हाउस कार्यालय की डिजिटल रणनीति की ‘पार्टनरशिप मैनेजर’ और समीरा फाजली को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रीय आर्थिक परिषद् की उप निदेशक नामित किया गया है।
व्हाइट हाउस राष्ट्रीय आर्थिक परिषद् में एक अन्य भारतीय अमेरिकी भारत राममूर्ति को उपनिदेशक नियुक्त किया गया है। गौतम राघवन को व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति कार्मिक कार्यालय में उप निदेशक नामित किया गया है। विनय रेड्डी को बाइडन का भाषण निदेशक नामित किया गया है। वेदांत पटेल राष्ट्रपति के सहायक प्रेस मंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभालेंगे।
व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में तीन भारतीय
तीन भारतीय अमेरिकियों को व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में नामित किया गया है। तरुण छाबड़ा को प्रौद्योगिकी एवं राष्ट्रीय सुरक्षा का वरिष्ठ निदेशक, सुमोना गुहा को दक्षिण एशिया के लिए वरिष्ठ निदेशक और शांति कलाथिल को लोकतंत्र एवं मानवाधिकार समन्यवय नियुक्त किया गया है।
इन भारतीय महिलाओं को मिली व्हाइट हाउस में जगह
इनके अलावा सोनिया अग्रवाल को व्हाइट हाउस में घरेलू पर्यावरण नीति कार्यालय में पर्यावरणीय नीति एवं नवोन्मेष की वरिष्ठ सलाहकार और विदुर शर्मा को व्हाइट हाउस कोविड-19 कार्रवाई दल में जांच के लिए नीति सलाहकार नामित किया गया हौ। दो भारतीय अमेरिकी महिलाओं को व्हाइट हाउस मंत्रणा कार्यालय में नियुक्त किया गया है। नेहा गुप्ता को एसोसिएट काउन्सल और रीमा शाह को डिप्टी एसोसिएट काउन्सल नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा, व्हाइट हाउस में पहली बार तीन अन्य दक्षिण एशियाई लोगों को अहम पदों पर नामित किया गया है। पाकिस्तानी अमेरिकी अली जैदी को व्हाइट हाउस उप राष्ट्रीय जलवायु सलाहकार, श्रीलंकाई-अमेरिकी रोहिणी कोसोग्लु को उपराष्ट्रपति की घरेलू नीति सलाहकार और जायन सिद्दिकी को व्हाइट हाउस डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ का वरिष्ठ सलाहकार नियुक्त किया गया है।
भारतीय रंगोली कोलम से शपथ समारोह की शुरुआत
अमेरिका में 20 जनवरी को शपथ ग्रहण से जुड़े ऑनलाइन समारोह की शुरुआत परंपरागत भारतीय रंगोली के साथ होगी। रंगोली को तमिलनाडु में कोलम के नाम से जाना जाता है। घर के द्वार पर इसे बनाना शुभ माना जाता है। रंगोली के हजारों डिजाइन बनाने के लिए अमेरिका और भारत के 1,800 से अधिक लोगों ने इस ऑनलाइन पहल में हिस्सा लिया।
शुरुआत में इसे व्हाइट हाउस के बाहर बनाया जाना था। बाद में इसे कैपिटल हिल (संसद भवन इमारत) के बाहर बनाने की अनुमति दी गई थी, मगर सुरक्षा के चलते इसे रद्द कर दिया गया। इसी कारण बाइडन और हैरिस का स्वागत करने के लिए रंगोली के हजारों डिजाइन को एक वीडियो में सजाया गया, ताकि अमेरिका की बहु सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया जा सके।
ट्रंप के हटने पर हिंसा की आशंका, हजारों सैनिक तैनात, लॉकडाउन भी लगाया जाएगा
20 जनवरी को बाइडन के शपथ लेते ही डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति नहीं रहेंगे। इस मौके पर अमेरिका में हिंसा की आशंका को देखते हुए वाशिंगटन में हजारों सैनिक बुलाए गए हैं। वहीं, संसद भवनों की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए सेना ने राज्यों के गवर्नरों से नेशनल गार्ड के ज्यादा से ज्यादा जवानों को भेजने की अपील की थी।
शहर के ज्यादातर हिस्से में शपथ ग्रहण से पहले लॉकडाउन लगाया जाएगा। अब तक 7,000 सैनिक मैरीलैंड में ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर पहुंच चुके हैं। कई हजार सैनिक बसों और सेना के ट्रकों में सवार हैं और वाशिंगटन आ रहे हैं।