इंटीग्रेटेड डेटरेंस स्ट्रेटेजी का एलान इस साल के शुरू में अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने अपनी सिंगापुर यात्रा के दौरान किया था। हालांकि इस बारे में अपने विचार वे अप्रैल में जता चुके थे। ऑस्टिन ने तब अमेरिकी राज्य हवाई में दिए एक भाषण में कहा था- ‘अमेरिका के पूरे इतिहास में डेटेरेंस का मतलब संभावित दुश्मनों के दिमाग में एक बुनियादी सच बैठा देना रहा है। ये सच यह है कि आक्रमण की लागत और उससे जुड़े जोखिम आक्रमण से होने वाले लाभ की तुलना में कहीं ज्यादा होंगे।’
ऑस्टिन ने कहा था- ‘इस बात को स्पष्ट करने के लिए हम अपनी मौजूदा क्षमताओं का उपयोग करेंगे और नई क्षमताएं विकसित करेंगे। उन सभी क्षमताओं का हम एक नेटवर्क के साथ इस्तेमाल करेंगे। यह नेटवर्क हमारे सहयोगियों और पार्टनर्स के हाथ मिलाने से बनेगा।’ हाल के महीनों में अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के दूसरे अधिकारियों ने भी अमेरिका के नए डेटेरेंस सिद्धांत की चर्चा की है। उन्होंने साफ कहा है कि नया सिद्धांत चीन की बढ़ती सैनिक क्षमताओं के मद्देनजर विकसित किया गया है।
वेबसाइट एशिया टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के रक्षा उपमंत्री ग्रेगरी एम कौसनर ने कहा था कि इंटीग्रेटेड डेटेरेंस टेक्नोलॉजी, सैन्य कार्रवाई की समझ और क्षमताओं के सही मेलजोल पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा था कि इन सबका एक ऐसा नेटवर्क होगा, जो विश्वसनीय, लचीला और शक्तिशाली हो, और जिससे दुश्मन ठहरने पर मजबूर हो जाए। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका ने हाल में ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के साथ जो ऑकुस रक्षा समझौता किया, वह भी इसी रणनीति का हिस्सा है।