अमेरिका में 46वें राष्ट्रपति के चयन के लिए हुए चुनाव का परिणाम आ गया है। जो बाइडन यानी जोसेफ आर बाइडन जूनियर संयुक्त राज्य अमेरिका के अगले राष्ट्रपति चुने गए हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से बाइडन ने 290 इलेक्टोरल वोट हासिल किए वहीं, उनके प्रतिद्वंद्वी रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को 214 वोट मिले। इसी के साथ ही तीन नवंबर को चुनाव के बाद शुरू हुई गहमागहमी समाप्त हो गई और अमेरिका के इस चुनावी नाटक का पटाक्षेप हो गया।
हमें याद रखना है कि हमारी राजनीति बेदर्द और खत्म न होने वाली लड़ाई नहीं है। हमारी राजनीति का मकसद राष्ट्र के लिए काम करना है। टकराव को भड़काना नहीं है, बल्कि समस्याओं का समाधान करना है। न्याय की गारंटी देना है। सबको समान अधिकार देने हैं। हमारे लोगों के जीवन स्तर में सुधार करना है। हम प्रतिद्वंद्वी हो सकते हैं लेकिन, हम दुश्मन नहीं हैं। हम अमेरिकी हैं।
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(जीत से पहले जो बाइडन)
सबसे युवा सीनेटर, सबसे बुजुर्ग राष्ट्रपति
अमेरिका के उपराष्ट्रपति भी रहे बाइडन अमेरिकी इतिहास में सबसे युवा सीनेटरों में से एक रहे हैं। वहीं, 77 साल के बाइडन अब अमेरिकी इतिहास के सबसे अधिक आयु वाले राष्ट्रपति भी बन गए हैं। बाइडन का जन्म 20 नवंबर 1942 को पेंसिल्वेनिया के स्क्रैंटन में हुआ था। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में 2009 से 2017 तक अमेरिका के 47वें उपराष्ट्रपति के रूप में सेवा दी थी।
कमला हैरिस ने बनाया इतिहास
अमेरिका के इस ऐतिहासिक चुनाव में भारतीय-अफ्रीकी मूल की कमला हैरिस ने भी इतिहास रच दिया है। हैरिस को जो बाइडन ने अपना रनिंग मेट यानी उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी घोषित किया था। इस जीत के साथ ही हैरिस पहली ऐसी महिला बन गई हैं जो अमेरिका के उपराष्ट्रपति पद पर आसीन होंगी। इसके साथ ही वह पहली महिला, पहली अश्वेत और पहली दक्षिण एशियाई उपराष्ट्रपति होंगी।
काम नहीं आए डोनाल्ड ट्रंप के 'टोटके'
डोनाल्ड ट्रंप ने मतगणना की धांधली को लेकर आरोप लगाए थे। एक बार तो उन्होंने मतगणना जारी रहने के दौरान ही चुनाव जीतने की बात कह दी थी। जिसके बाद कई हस्तियों ने उनकी आलोचना की थी। ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि हम इस चुनाव को जीतने जा रहे हैं, सही कहूं तो हम यह चुनाव जीत गए हैं। ट्रंप ने यह बयान तब दिया था जब लाखों मतों की गणना बाकी थी। इस चुनाव को अमेरिकी इतिहास का सर्वाधिक विभाजक और कटु चुनावों में से एक बताया गया है।
क्या बनना था और क्या बन गए ट्रंप
यह चुनाव हारने के साथ ही डोनाल्ड ट्रंप 28 साल के बाद के पहले राष्ट्रपति बन गए जो दूसरे कार्यकाल के लिए व्हाइट हाउस नहीं पहुंच पाए। इससे पहले साल 1992 में जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश दूसरे कार्यकाल के लिए जीत हासिल नहीं कर पाए थे, जब उनके विपक्षी डेमोक्रेट उम्मीदवार बिल क्लिंटन ने जीत दर्ज की थी। जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश के बाद बिल क्लिंटन, जॉर्ज डब्ल्यू बुश और फिर बराक ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति बने और तीनों ने अपने दो-दो कार्यकाल पूरे किए।