अमेरिकी राजनीति में करीब पांच दशकों से सक्रिय जो बाइडन ने सबसे युवा सीनेटर से लेकर सबसे उम्रदराज अमेरिकी राष्ट्रपति बनने तक का शानदार सफर तय करके शनिवार को इतिहास रच दिया। 77 वर्षीय बाइडन छह बार सीनेटर रहे और अब अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हराकर देश के राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। ऐसा नहीं है कि यह कामयाबी उन्होंने अपने पहले प्रयास में पा ली है। बाइडन को वर्ष 1988 और 2008 में राष्ट्रपति पद की दौड़ में नाकामी मिली थी।
बाइडन अपने बेटों को देखने के लिए विलमिंगटन और वॉशिंगटन डीसी के बीच रोजाना एमट्रैक ट्रेन से सफर करते थे। जिसके बाद वह 'एमट्रैक जो' नाम से लोकप्रिय हो गए थे। पांच साल तक, बाइडन ने अपनी बहन वैलेरी और उनके परिवार की मदद से ब्यू और हंटर को सिंगल फादर के तौर पर पाला था।
साल 2015 में 46 साल की उम्र में बाइडन के बड़े बेटे ब्यू की ब्रेन कैंसर से मौत हो गई। बाइडन के छोटे बेटे हंटर की बात करें तो एक वकील और लॉबिस्ट के रूप में उनका करियर भ्रष्टाचार के आरोपों का निशाना रहा है। पत्नी नीलिया की मौत के पांच साल बाद बाइडेन ने जिल से शादी की। उनकी एश्ली नाम की एक बेटी है, जिसका जन्म 1981 में हुआ था।
बाइडन की प्राथमिकताएं क्या हैं?
बाइडन की तीन बड़ी प्राथिमकताएं हैं जिनमें हेल्थ केयर से जुड़े ढांचे का विस्तार करना, शिक्षा में ज्यादा निवेश करना और सहयोगी देशों के साथ संबंधों को नई दिशा देना शामिल है।
भारत को लेकर क्या है रुख?
भारत के 74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारतीय-अमेरिकी समुदाय को संबोधित करते हुए बाइडन ने कहा था कि अगर वह राष्ट्रपति चुनाव जीतते हैं तो भारत के सामने मौजूद खतरों से निपटने में उसके साथ खड़े रहेंगे।
बाइडन ने कहा था कि ‘मैं 15 साल पहले भारत के साथ ऐतिहासिक असैन्य परमाणु समझौते को मंजूरी देने की कोशिशों की अगुवाई कर रहा था। मैंने कहा कि अगर भारत और अमेरिका करीबी दोस्त और सहयोगी बनते हैं, तो दुनिया ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी।’ उन्होंने यह भी कहा था कि वह दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने पर काम करेंगे।
विवादों से रहा है नाता
बाइडन पर ब्रिटिश लेबर पार्टी के नील किन्नॉक के भाषण की साहित्यिक चोरी का आरोप लगा था। इसके अलावा बाइडन ने स्वीकार किया था कि उन्होंने लॉ स्कूल में अपने पहले साल के दौरान कानून की समीक्षा का लेख चोरी किया था।
यौन उत्पीड़न का भी लगा था आरोप
बाइडन के सीनेट ऑफिस में काम करने वाली एक महिला ने वॉशिंगटन डीसी की पुलिस के पास एक आपराधिक शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने इस शिकायत में आरोप लगाए थे कि बाइडन ने 1993 में उनका यौन उत्पीड़न किया था।
2007 में गोली लगने का किया था दावा, फिर अपने बयान से पलट गए थे
साल 2007 में बाइडन ने दावा किया था कि उन्हें इराक के ग्रीन जोन में गोली लगी थी, लेकिन बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि वह उस जगह के पास थे जहां ‘गोली चली’ थी।