ब्रेग्जिट के मुद्दे पर संसदीय प्रस्ताव में झटका खाने के बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को बृहस्पतिवार को एक और करारे झटके का सामना करना पड़ा। इस बार जॉनसन को झटका उनके अपने घर में ही मिला।
बोरिस की सरकार में मंत्री के तौर पर नियुक्त उनके भाई जो जॉनसन ने अपना पद छोड़ने के साथ ही कंजरवेटिव पार्टी की संसद सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। ब्रिटेन में जो जॉनसन की छवि अमूमन भारत समर्थक सांसद के तौर पर रही है।
जो जॉनसन के इस कदम ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि यूरोपियन संघ (ईयू) में अपनी सदस्यता के मुद्दे पर ब्रिटेन में किस हद तक आपसी अलगाव पनप गया है। इस्तीफे से पहले ऑर्पिंगटन से सांसद और बोरिस की सरकार में व्यापार मंत्री रहे जो जॉनसन ने ट्विटर पर कहा कि पारिवारिक वफादारी और राष्ट्रहित के बीच पिसने के बाद वह यह कदम उठाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
उन्होंने महसूस किया था कि यह तनाव अब हल होने लायक नहीं रहा है। ब्रेग्जिट के घोर विरोधी माने जाने वाले जो जॉनसन इससे पहले फाइनेंशियल टाइम्स में पत्रकार थे। करीब 9 साल से सांसद और 3 प्रधानमंत्रियों के साथ मंत्री रहे जो जॉनसन ने पिछले साल भी ब्रेग्जिट प्रस्ताव के विरोध में टेरीजा मे की सरकार से इस्तीफा दिया था, लेकिन हाल ही में उन्हें उनके भाई बोरिस ने फिर से मंत्री नियुक्त किया था।