अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि ट्रंप प्रशासन ईरान में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ है और परमाणु मुद्दे पर बातचीत चाहता है। वहीं लैटिन अमेरिका में ड्रग कार्टेल के खिलाफ सख्ती और वेनेजुएला में राजनीतिक स्थिरता पर जोर दिया जा रहा है।
अमेरिका की नई विदेश नीति अब साफ तौर पर तीन मोर्चों पर आगे बढ़ती दिख रही है। ईरान में मानवाधिकार, लैटिन अमेरिका में अपराध और वेनेजुएला में राजनीतिक स्थिरता। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयानों से यह संकेत मिला है कि ट्रंप प्रशासन इन मुद्दों पर नरमी नहीं, बल्कि सीधी और कठोर नीति अपनाने के मूड में है।
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जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका उन सभी लोगों के साथ खड़ा है, जो शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने ईरान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के लोगों को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का पूरा हक है। साथ ही उन्होंने दोहराया कि ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका से गंभीर बातचीत करनी चाहिए, क्योंकि यही उसके लिए सबसे बेहतर रास्ता है।
कैरीबियन और लैटिन अमेरिका पर फोकस
वेंस के मुताबिक, अमेरिका कैरीबियन और लैटिन अमेरिका में शांति को प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि ड्रग कार्टेल इस पूरे क्षेत्र की सबसे बड़ी अस्थिर करने वाली ताकत हैं। जब अवैध नशे के कारोबार से होने वाली कमाई पर रोक लगेगी, तब अपने आप हिंसा और अराजकता कमजोर पड़ेगी। अमेरिका इसी रणनीति के तहत सहयोगी देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
वेनेजुएला में स्थिरता की कोशिश
वेनेजुएला को लेकर वेंस ने साफ कहा कि अमेरिका वहां हालात को अस्थिर नहीं, बल्कि नियंत्रित और स्थिर देखना चाहता है। उन्होंने बताया कि नई सरकार पर लगातार नजर रखी जा रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि वह अमेरिका के साथ तालमेल में काम करे। इसके लिए कई स्तरों पर नियमित बैठकें हो रही हैं।
इन बयानों से साफ है कि ट्रंप प्रशासन विदेश नीति में दबाव, संवाद और शक्ति तीनों का इस्तेमाल कर रहा है। अमेरिका का संदेश साफ है कि जहां अधिकारों का हनन होगा, वहां आवाज उठेगी और जहां अपराध और अव्यवस्था होगी, वहां सख्ती दिखाई जाएगी। आने वाले समय में इसका असर वैश्विक राजनीति पर साफ दिख सकता है।