अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने परमाणु ठिकानों पर हमला करने का अंतिम निर्णय बम गिराए जाने से कुछ मिनट पहले लिया। उन्होंने कहा कि ट्रंप के पास आखिरी समय तक हमला रोकने का विकल्प था, लेकिन उन्होंने आगे बढ़ने का निर्णय लिया।
इस्राइल और ईरान के बीच 10 दिन से जारी संघर्ष में शनिवार रात अमेरिका ने भी एंट्री की। ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमला किया। इस हमले को लेकर अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने परमाणु ठिकानों पर हमला करने का अंतिम निर्णय बम गिराए जाने से कुछ मिनट पहले लिया। यह जानकारी सीएनएन की रिपोर्ट में दी गई।
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उपराष्ट्रपति वेंस ने एक इंटरव्यू में कहा कि ट्रंप के पास आखिरी समय तक हमला रोकने का विकल्प था, लेकिन उन्होंने आगे बढ़ने का निर्णय लिया। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने शनिवार शाम 6:40 बजे (स्थानीय समयानुसार) ईरान के तीन परमाणु ठिकानों- फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर शक्तिशाली 'बंकर बस्टर' बम गिराए। यह हमला ईरान में रविवार तड़के करीब 2:10 बजे हुआ।
इस्राइल-ईरान संघर्ष में शामिल होने पर बहुत दिनों से विचार कर रहे थे ट्रंप
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप पिछले कुछ दिनों से इस बात पर विचार-विमर्श कर रहे थे कि अमेरिका को ईरान और इस्राइल के संघर्ष में शामिल होना चाहिए या नहीं। उन्होंने अपने प्रेस सचिव को हाल के दिनों में ब्रीफिंग रूम से दो सप्ताह की समयसीमा पेश करने का निर्देश दिया था। हालांकि, वह इस्राइल के सैन्य अभियान में शामिल होने के पक्ष में दिखाई दिए थे, जबकि उनके दूत स्टीव विटकॉफ अभी भी कूटनीतिक प्रयास कर रहे थे। एक वरिष्ठ व्हाइट हाउस अधिकारी ने बताया कि ट्रंप ने शनिवार को हमला करने का अंतिम आदेश दिया और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को आगे बढ़ने का निर्देश दिया।
अमेरिका अब ईरान के जवाबी हमले की प्रतीक्षा कर रहा: वेंस
रिपोर्ट के मुताबिक, उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि अमेरिका अब यह देख रहा है कि क्या ईरान अमेरिकी सैनिकों पर जवाबी हमला करता है या अपना परमाणु हथियार कार्यक्रम जारी रखता है। उन्होंने मौजूदा स्थिति को बहुत नाजुक बताया और कहा कि अगले 24 घंटों में ईरान की मंशा साफ हो जाएगी। वेंस ने यह भी कहा कि अमेरिका को अभी तक ईरान से कुछ अप्रत्यक्ष संदेश मिले हैं। इससे पहले रविवार को रक्षा मंत्री हेगसेथ ने बताया था कि अमेरिका ने कई रास्तों से ईरान को सीधे संदेश भेजे हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही रोकना ईरान को पड़ेगा भारी: वेंस
जब उपराष्ट्रपति वेंस से पूछा गया कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही रोकने की कोशिश करता है तो क्या होगा। इस पर उन्होंने कहा कि यह कदम ईरान के लिए आत्मघाती साबित होगा और उनकी खुद की अर्थव्यवस्था को तबाह कर देगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिका को ईरान में जमीन पर सैनिक भेजने की कोई योजना नहीं है, और उन्होंने इस बात को खारिज कर दिया कि अमेरिका इस युद्ध में गहराई से उलझेगा।