अमेरिका में इसी साल नवंबर में होने वाले आम चुनाव में ओहियो के सीनेटर जेडी वैंस भी अपनी किस्मत आजमाएंगे। रिपब्लिकन नेता और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैंस को उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी चुना है। 39 वर्षीय वैंस की शादी भारतवंशी उषा चिलुकुरी वैंस से हुई है। उषा आंध्र प्रदेश की मूल निवासी हैं। 39 वर्षीय जेडी वैंस कभी ट्रंप के कटु आलोचक थे, लेकिन अब वे पूर्व राष्ट्रपति के कट्टर समर्थकों में से एक बन गए हैं। आइए इनके सियासी सफर पर एक नजर डालते हैं।
पिछले चुनाव में बुलाया था बेवकूफ
करीब आठ साल पहले जब साल 2016 में राष्ट्रपति चुनाव हुआ था, उस समय जेडी वैंस ने डोनाल्ड ट्रंप की जमकर आलोचना की थी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से रिपब्लिकन नेता को बेवकूफ बुलाया था। वहीं, उनकी तुलना एडॉल्फ हिटलर से कर दी थी। मगर आज समय का फेर देखिए, जो शख्स डोनाल्ड ट्रंप की बुराई करते नहीं थक रहा था, वो आज उनके रनिंग मेट यानी उपराष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल है।
आज सबसे बड़े समर्थक
अब वैंस ट्रंप के सबसे बड़े समर्थकों में से एक बन चुके हैं। पूर्व राष्ट्रपति ने सोमवार को उन्हें अपना उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने के लिए चुना। जेडी वैंस ट्रंप के साथ उस समय भी खड़े रहे, जब कई अन्य रिपब्लिकन नेताओं ने उनका समर्थन नहीं किया।ट्रंप की आलोचना करने और अब उन्हें समर्थन देने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। डेमोक्रेट और यहां तक कि कुछ रिपब्लिकन ने सवाल किया है कि क्या वैंस विचारधारा की तुलना में अवसरवाद से अधिक प्रेरित हैं।
जेडी वैंस कौन है?
दो अगस्त 1984 को ओहियो के मिडलटाउन में एक गरीब घर में जेडी वैंस का जन्म हुआ था। उनका पालन-पोषण उनके दादा-दादी ने किया, खास तौर पर उनकी दादी ने, जिन्हें वे प्यार से 'मॉम' कहकर पुकारते थे। वे अमेरिकी मरीन कॉर्प्स में भर्ती हुए और इराक युद्ध में हिस्सा लिया। उसके बाद ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया और बाद में येल लॉ स्कूल से स्नातक किया।
वैंस को 2016 में अपनी आत्मकथा 'हिलबिली एलेजी' से प्रसिद्धि मिली, जो बेस्टसेलर बन गई और जिसे नेटफ्लिक्स पर फिल्माया गया। यह किताब ओहियो के मिडलटाउन में उनके पालन-पोषण और रस्ट बेल्ट क्षेत्र में श्वेत श्रमिक वर्ग के सामने आने वाली सांस्कृतिक और आर्थिक चुनौतियों का वर्णन करती है।
कभी थे ट्रंप के आलोचक, आज समर्थक
दिलचस्प बात यह है कि वैंस ने 2016 के सफल राष्ट्रपति अभियान के दौरान ट्रंप की आलोचना की थी और उन्हें बेवकूफ और निंदनीय बताया था। मगर बाद में उन्होंने बताया कि कैसे पूर्व राष्ट्रपति ने अपने पहले व्हाइट हाउस कार्यकाल के दौरान उनका दिल जीत लिया था। वैंस का कहना है कि वह साल 2021 में ट्रंप से मिले थे। तब ही उन्होंने अपना राजनीतिक करियर शुरू किया। सीनेट अभियान के दौरान वह ट्रंप के करीब आ गए थे। ओहियो में अमेरिकी सीनेट सीट के लिए चुनाव लड़ा और ट्रंप के समर्थन से रिपब्लिकन नामांकन जीता। उन्होंने आम चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार टिम रयान को हराया और तीन जनवरी, 2023 को पद की शपथ ली।
ऐसे सुधरे संबंध
हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि इस पूरे मिलन में दिलचस्प बात यह है कि वह पहले ट्रंप के सबसे बड़े बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर से मिले, धीरे-धीरे उनके घनिष्ठ बन गए। वैंस ने पहली बार ट्रंप जूनियर का ध्यान उस समय अपनी ओर आकर्षित किया था, जब उन्होंने 2022 में ओहियो सीनेट प्राइमरी के दौरान यूक्रेन को सहायता देने का विरोध किया था। ट्रंप के साथ वैंस के संबंध इस साल की शुरुआत में रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के प्राइमरी के दौरान सुधरे।
वैंस एक लेखक होने के साथ-साथ बहुमुखी प्रतिभा के धनी
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने वैंस के नाम का एलान कर कहा कि जेडी ने मरीन कॉर्प्स में अमेरिका की सेवा की है। जेडी वैंस की तारीफों के पुल बांधते हुए ट्रंप ने बताया कि वैंस एक लेखक होने के साथ-साथ बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं।
- दो साल में ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी से स्नातक की उपाधि
- सुम्मा कम लाउड और येल लॉ स्कूल से स्नातक
- येल लॉ जर्नल के संपादक और येल लॉ वेटरन्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं
- प्रौद्योगिकी और वित्तीय क्षेत्र में बहुत ही सफल व्यवसायिक करियर रहा है