फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Myanmar: म्यांमार में विरोध मार्च के दौरान जापानी पत्रकार हिरासत में, अब तक 140 पत्रकार गिरफ्तार

Tue, 02 Aug 2022 01:00 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, बैंकॉक।

सार

म्यांमार में लगभग सभी स्वतंत्र पत्रकारिता भूमिगत या निर्वासन में रहकर की जाती है। सैन्य सरकार ने लगभग 140 पत्रकारों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से लगभग 55 को आरोपों या मुकदमे की सुनवाई जारी रहने के कारण हिरासत में रखा गया है।
विज्ञापन
म्यांमार में विरोध-प्रदर्शन (फाइल फोटो)। - फोटो : Agency
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

म्यांमार के सबसे बड़े शहर में सैन्य शासन के खिलाफ हुए विरोध-प्रदर्शन को कवर कर रहे जापान के वीडियो पत्रकार तोरू कुबोता को देश के सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया है। लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं ने यह जानकारी देते हुए बताया कि तोरू टोक्यो स्थित एक वृत्तचित्र फिल्म निर्माता हैं।

विज्ञापन


रैली का आयोजन करने वाले यंगून डेमोक्रेटिक यूथ स्ट्राइक समूह के एक नेता तिप फोने ने बताया, तोरू कुबोता को यंगून में एक प्रदर्शन के बाद सादी वर्दी में मौजूद पुलिसकर्मियों ने गिरफ्तार किया। उन्होंने सैन्य अधिकारियों के खिलाफ सुरक्षा के लिए छद्म नाम का उपयोग किया। म्यांमार की सेना ने पिछले साल फरवरी में आंग सान सूकी की चुनी हुई सरकार को हटाकर सत्ता पर कब्जा कर लिया था और तब से देश में सैन्य शासन ने असंतोष पर कड़ी कार्रवाई की है। म्यांमार के ‘असिस्टेंस एसोसिएशन फॉर पॉलिटिकल प्रिजनर्स’ द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कम से कम 2,138 आम नागरिक मारे गए हैं और सैन्य कब्जे के बाद से 14,917 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

अब तक 140 पत्रकार गिरफ्तार
म्यांमार में लगभग सभी स्वतंत्र पत्रकारिता भूमिगत या निर्वासन में रहकर की जाती है। सैन्य सरकार ने लगभग 140 पत्रकारों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से लगभग 55 को आरोपों या मुकदमे की सुनवाई जारी रहने के कारण हिरासत में रखा गया है।
विज्ञापन


छह माह और बढ़ाया गया आपातकाल
म्यांमार की सैन्य सरकार (जुंटा) के नेता ने सोमवार को देश में सेना का शासन छह माह और बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने अब अगले साल चुनाव कराने की बात कही। इससे पहले सैन्य शासन प्रमुख मिन आंग हलिंग से छह माह तक उनका शासन बढ़ाने का अनुरोध किया गया था। उन्होंने इसकी मंजूरी दे दी है। सेना ने पिछले साल 1 फरवरी को आंग सान सूकी की चुनी हुई सरकार से नवंबर 2020 के आम चुनाव में कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए सत्ता हथिया ली थी। जबकि स्वतंत्र चुनाव पर्यवेक्षकों ने कहा था कि उन्हें अनियमितताओं का कोई सुबूत नहीं मिला है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें