15 सांसदों को उपहार बांटने पर जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा घिर गए हैं। इशिबा के इस कदम पर जापान की सत्तारूढ़ एलडीपी पार्टी और विपक्षी नेताओं ने राजनीतिक फंडिंग कानून तोड़ने का आरोप लगाया है। हालांकि इशिबा ने कानून तोड़ने से इनकार किया है और कहा है कि वह इस्तीफा नहीं देंगे।
15 सांसदों को उपहार बांटने पर जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा घिर गए हैं। इशिबा के इस कदम पर जापान की सत्तारूढ़ एलडीपी पार्टी और विपक्षी नेताओं ने राजनीतिक फंडिंग कानून तोड़ने का आरोप लगाया है। हालांकि इशिबा ने कानून तोड़ने से इनकार किया है और कहा है कि वह इस्तीफा नहीं देंगे। इस मामले ने सत्ता पर इशिबा की पकड़ को और कमजोर कर दिया है।
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विपक्षी सांसदों और उनकी अपनी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रतिद्वंद्वियों ने कहा है कि उपहार अत्यधिक थे। इससे साफ है कि इशिबा सांसदों के संपर्क से बाहर थे। जापानी मीडिया ने इस सप्ताह की शुरुआत में बताया था कि इशिबा के सहयोगी ने प्रधानमंत्री के साथ निजी रात्रिभोज से पहले 15 सांसदों के कार्यालयों में 100,000 येन ($670) मूल्य के उपहार प्रमाण पत्र वितरित किए।
पीएम इशिबा ने गुरुवार रात को उपहार प्रमाण पत्र को स्मारिका के रूप में और उनके काम की सराहना में देने की बात स्वीकार की। उन्होंने चिंता और नाराजगी पैदा करने के लिए माफी मांगी, लेकिन कहा कि वाउचर उनकी राजनीतिक गतिविधि के लिए दान के रूप में नहीं थे और प्राप्तकर्ताओं में से कोई भी उनके चुनावी जिले में नहीं रहता है। उपहार प्रमाण पत्र का उपयोग जापान में डिपार्टमेंट स्टोर पर खरीदारी के लिए किया जा सकता है। एक संसदीय सत्र में जब विपक्षी सांसदों ने वाउचर को लेकर उनसे पूछताछ की, तो इशिबा ने बार-बार कहा कि उपहार ने राजनीतिक निधि कानून या सार्वजनिक चुनाव कानून का उल्लंघन नहीं किया है।
जापानी पीएम शिगेरु इशिबा एक अल्पमत सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। क्योंकि उनकी एलडीपी और उनके कनिष्ठ गठबंधन सहयोगी कोमिटो अक्तूबर में निचले सदन में चुनाव हार गए थे। प्रधानमंत्री इशिबा पहले ही अपने बजट को स्वीकृत करवाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और प्रतिद्वंद्वी उन्हें हटाने के लिए मौके तलाश रहे हैं।
एलडीपी के सबसे रूढ़िवादी सदस्यों द्वारा इशिबा को इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने का प्रयास इस गर्मी में होने वाले प्रमुख चुनावों से पहले हो रहा है। पिछले दिनों एक अति-रूढ़िवादी एलडीपी सांसद शोजी निशिदा ने अपने साथी सांसदों से एक नया नेता चुनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एलडीपी इशिबा को पार्टी का चेहरा बनाकर नहीं जीत सकती।