तुर्किये से भारत आ रहे मालवाहक जहाज 'गैलेक्सी लीडर' के जापानी संचालक एनवाईके लाइन ने कहा है कि अपहरण के समय जहाज में कोई माल नहीं था। जापान ने सोमवार को जहाज अगवा किए जाने की निंदा की है। मुख्य कैबिनेट सचिव हिरोकाजु मात्सुनो ने कहा कि जापानी सरकार हूती विद्रोहियों के साथ चर्चा कर चालक दल की शीघ्र रिहाई का प्रयास कर रही है। चालक दल में शामिल 25 लोगों में कोई भारतीय नहीं है। हूतियों ने लाल सागर से मालवाहक जहाज को इसलिए अगवा किया है क्योंकि वे पोत को इस्राइल का मानते हैं। एजेंसी
कंपनी के नाम से हुआ भ्रम
जहाज के मालिकों को रे कार कैरियर्स नामक कंपनी से जोड़ा गया है। इसकी स्थापना इस्राइल के कारोबारी अब्राहम रामी उंगर ने की है। कंपनी के नाम से हूतियों को लगा कि ये जहाज इस्राइल का है। हालांकि, जहाज का स्वामित्व एक ब्रिटिश कंपनी के पास है और इसे जापानी कंपनी संचालित करती है।
हूती विद्रोहियों ने लिया जहाजों को अगवा करने का संकल्प
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में इस्राइल से जुड़े जहाजों को निशाना बनाने का संकल्प लिया है। इस महीने की शुरुआत में हूती सैन्य प्रवक्ता ने कहा था कि जब तक इस्राइली आक्रामकता बंद नहीं हो जाती, तब तक वे मिसाइलों और ड्रोन के साथ हमले जारी रखेंगे। इसी कड़ी में यह अपहरण हुआ है।
विद्रोहियों ने जारी किया हाईजैकिंग का वीडियो
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने सोमवार को जहाज गैलेक्सी लीडर के अपहरण का एक कथित वीडियो जारी किया। वीडियो दो मिनट लंबी है। इसमें दिख रहा है कि विद्रोही एक हेलीकॉप्टर से आए और जहाज के डेक पर उतर गए। डेक पर आते ही विद्रोहियों ने नारे लगाए और अंधाधुंध गोलिया चलाईं। इसके बाद विद्रोही जहाज के अंदर घुसे और व्हीलहाउस और नियंत्रण केंद्र पर कब्जा कर लिया। वीडियो में दिख रहा है कि क्रू सदस्य हैरत में हैं और हाथ ऊपर खड़े खड़े हैं।