पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या से जापान लोग गहरे सदमे में हैं। लोग यह सोच कर आवाक हैं कि देश में हथियार नियंत्रण की इतनी सख्त नीति लागू होने के बावजूद कैसे एक व्यक्ति ने देश के सबसे ऊंचे कद वाले नेता को मार डाला। आबे की शुक्रवार को नारा शहर में उस समय गोली मार कर हत्या कर दी गई, जब वे वहां एक चुनाव सभा को संबोधित कर रहे थे।
थिंक टैंक इंटरनेशनल सिक्योरिटी इंडस्ट्रियल काउंसिल की जापान शाखा की निदेशक नैंसी स्नो ने अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन से कहा कि इस हत्या के बाद जापान की सूरत हमेशा के लिए बदल जाएगी। उन्होंने कहा- ‘यह न सिर्फ एक असामान्य घटना है, बल्कि जापान की संस्कृति को देखते हुए इसे गले उतार पाना भी कठिन है। जापान के लोग अमेरिका जैसे गन कल्चर की बात सोच भी नहीं पाते। इसीलिए ये खबर आने पर लोग आवाक रह गए।’
जापान के टीवी चैनल एनएचके ने शुक्रवार को बताया था कि 41 वर्षीय जिस व्यक्ति ने आबे की हत्या की, उसने हैंडगन खुद बनाई थी। जापान के कानून के तहत सिर्फ शॉटगन और एयर राइफल रखने की इजाजत लोगों की दी जाती है। हैंडगन का लाइसेंस यहां नहीं मिलता। इसलिए समझा जाता है कि आरोपी हत्यारे ने बेहद जटिल प्रक्रिया से गुजरते हुए हैंडगन बनाने की चीजें जुटाई होंगी।
साल 2017 के आंकड़ों के मुताबिक उस वर्ष जापानी नागरिकों में से सिर्फ लगभग तीन लाख 77 हजार के पास बंदूकें थीं। यानी हर 100 व्यक्ति में सिर्फ 0.25 के पास हथियार थे। जबकि अमेरिका में हर सौ व्यक्ति पर 120 बंदूकें मौजूद हैं। जापान में राजनेताओं को हिंसा का शिकार बनाने की घटनाएं भी कभी-कभार ही हुई हैं। आबे के पहले ऐसी आखिरी घटना 2007 में हुई थी, जब नाकासाकी शहर के मेयर इछो इटो की हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या के लिए एक गैंगेस्टर को दोषी ठहराया गया था।